संथाल हूल के वंशज को हूल दिवस मनाने से रोक, कह दी बड़ी बात

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

साहेबगंज : वीर सिदो-कान्हू ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संताल हूल की शुरुआत की थी, जिसमें हजारों आदिवासियों ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। लेकिन क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि उनके ही वंशजों को, उन्हीं के गांव में हूल दिवस मनाने से रोका जाएगा? वीर सिदो-कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि उनकी संस्था ‘सिदो-कान्हू हूल फाउंडेशन’ और ‘आतो मांझी वैसी भोगनाडीह’ द्वारा 30 जून को प्रस्तावित हूल दिवस कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है।मीडिया से बात करते हुए मंडल मुर्मू ने कहा, “हमारे पूर्वजों ने इस धरती के लिए बलिदान दिया। भोगनाडीह में जो पार्क और स्टेडियम बना है, वह हमारी ही पैतृक जमीन पर बना है। ऐसे में हमें वहां कोई भी कार्यक्रम करने के लिए किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “यह इलाका पाँचवी अनुसूची क्षेत्र में आता है। हमें ग्राम प्रधान से लिखित अनुमति प्राप्त है। फिर प्रशासन हमें कार्यक्रम करने से कैसे रोक सकता है?”

मंडल मुर्मू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सरकार शहीदों के लिए कुछ नहीं कर पाई, तो उन्हें रोकने का भी कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने पूछा कि जब उलीहातु में बिरसा मुंडा की जयंती पर, खरसावां में शहीद दिवस पर, और जमशेदपुर में निर्मल महतो की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम बिना रोक-टोक हो सकते हैं, तो भोगनाडीह में एक सामाजिक संस्था का सांस्कृतिक आयोजन क्यों रोका जा रहा है? गौरतलब है कि हूल दिवस के अवसर पर भोगनाडीह में ‘सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन’ और ‘आतो मांझी वैसी भोगनाडीह’ द्वारा एक सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और पूर्व मंत्री लोबिन हेम्ब्रम मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में पारंपरिक ग्राम प्रधानों समेत आदिवासी समाज के हजारों लोगों के जुटने की संभावना है।

kelanchaltimes
Author: kelanchaltimes

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

डीएसपीएमयू में प्रशासनिक व अकादमिक समन्वय पर जोर, कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने की दो महत्वपूर्ण बैठकें

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक और अकादमिक संभागों के साथ नियमित बैठक और संवाद को

प्रतियोगिता में परिणाम से अधिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण – कुलपति डॉ राजीव मनोहर

DSPMU के प्रतिभागियों का शानदार प्रदर्शन, 39वें AIU यूथ फेस्टिवल में कई श्रेणियों में जीते सम्मान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने AIU

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश

रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में श्रद्धा और परंपरा के संग गूंजा सरना झंडा गड़ी उत्सव, युवाओं ने लिया संस्कृति संरक्षण का संकल्प

रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के न्यू बिल्डिंग परिसर में आज आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में पारंपरिक