केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने झारखंड की स्थिति को बताया इमरजेंसी से भी बदतर

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रांची : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए राज्य में आजादी की तीसरी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि आपातकाल बर्बरता का प्रतीक बन गया है, इसलिए देश में दोबारा लोकतंत्र की हत्या करने की कोई ना सोचें. आज झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार वैसी ही है, जैसी इंदिरा जी. आज सत्ता के लालच में यह सरकार आपातकाल से भी ज्यादा झारखंड के अस्तित्व को खत्म करने की योजना बना रही है. गिरिराज सिंह ने कहा है कि आज झारखंड बारूद के ढेर पर है और वह बारूद जमाई टोला है. गिरिराज सिंह ने कहा कि एक तरफ जहां देश में बांग्लादेशियों की पहचान की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड में उनके लिए रेड कारपेट बिछाकर उनका स्वागत किया जा रहा है. यहां आदिवासियों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है. आदिवासियों के बिना इस राज्य की पहचान नहीं हो सकती. यहां के युवाओं को आदिवासियों के अस्तित्व और झारखंड की अस्मिता को बचाने के लिए आंदोलन करना होगा और यह आज के युवा ही कर सकते हैं.उन्होंने कहा कि जब आदिवासी बचेंगे, तभी आदिवासियों का कोई नेता होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों ने पेसा कानून लागू किया है, हेमंत सरकार को इसे लागू करना चाहिए. राज्य सरकार आदिवासियों को जंगल और खनन का अधिकार दे. उन्होंने झारखंड के युवाओं से दलगत भावना से ऊपर उठकर आगे आने की अपील करते हुए कहा कि इस संघर्ष को जारी रखने की योजना बनानी चाहिए. विरोधियों पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश के बाहर देश को गाली दे रहे हैं. थेथरोलॉजी का कोई जवाब नहीं है, अगर कोई आंकड़ा है तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव बताएं. उन्होंने कहा कि अगर देश में लोकतंत्र नहीं होता तो क्या कोई देश को गाली दे देता, आपातकाल के दौरान किसी ने इंदिरा गांधी पर सवाल उठाया, उसे कुचल दिया गया.

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