पटना: नीतीश सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले हिन्दुत्व का कार्ड खेला नीतीश सरकार ने सीतामढ़ी स्थित ऐतिहासिक पुनौरा धाम में माता जानकी मंदिर का भव्य निर्माण कराने के लिए 882 करोड़ 87 लाख रुपये जारी किए गए हैं। मंदिर का निर्माण कार्य तीन चरणों में कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें 137.34 करोड़ रुपये की लागत से पुनौराधाम स्थित पुराने मंदिर का उन्नयन कार्य, 728 करोड़ रुपये खर्च करके पर्यटन संबंधित आधारभूत संरचना का विकास तथा 10 वर्ष तक इसके रख-रखाव पर 16.62 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मुद्दे पर मुहर लगी। इसमें 24 एजेंडों पर मुहर लगी। इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। अपर मुख्य सचिव डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि धार्मिक पर्यटन देश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। देवी सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। इसके मद्देनजर अयोध्या में श्रीराम मंदिर की तर्ज पर पुनौराधाम में माता जानकी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन के लिए ईपीसी मॉडल पर निविदा का प्रकाशन, निष्पादन और योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के स्तर पर कराया जा रहा है। यह स्थान रामायण सर्किट का प्रमुख हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देवी सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। सरकार के इस तरह के प्रयास से अयोध्या धाम और पुनौराधाम के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा। व्यापक जनहित में श्रद्धालुओं की भावना और पर्यटन के व्यापक विकास की संभावना को ध्यान में रखते हुए मौजूदा पुनौराधाम को रामायण सर्किट के तौर पर विकसित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि धार्मिक पर्यटन देश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। देवी सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। इसके मद्देनजर अयोध्या में श्रीराम मंदिर की तर्ज पर पुनौराधाम में माता जानकी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन के लिए ईपीसी मॉडल पर निविदा का प्रकाशन, निष्पादन और योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के स्तर पर कराया जा रहा है। यह स्थान रामायण सर्किट का प्रमुख हिस्सा है । उन्होंने कहा कि देवी सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। सरकार के इस तरह के प्रयास से अयोध्या धाम और पुनौराधाम के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा। व्यापक जनहित में श्रद्धालुओं की भावना और पर्यटन के व्यापक विकास की संभावना को ध्यान में रखते हुए मौजूदा पुनौराधाम को रामायण सर्किट के तौर पर विकसित किया जाएगा।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




