रामगढ़ थाना परिसर से 48 घंटे पहले नाटकीय ढंग से फरार हुए आफताब अंसारी का शव दामोदर नदी से बरामद होने के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है। रविवार को जब पुलिस आफताब के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सदर अस्पताल रामगढ़ पहुंची, तो मेडिकल टीम ने शव की स्थिति को देखते हुए अहम फैसला लिया। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले का पोस्टमार्टम रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आफताब अंसारी का शव बेहद खराब हालत में पाया गया। रामगढ़ सदर अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं के मद्देनजर मेडिकल टीम ने यह पाया कि इतनी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त शव का पोस्टमार्टम यहां कर पाना संभव नहीं है। यही कारण है कि मेडिकल टीम ने सर्वसम्मति से आफताब अंसारी के शव को रिम्स रेफर करने का निर्णय लिया। आफताब अंसारी की फरार होने की घटना ने पूरे रामगढ़ में सनसनी फैला दी थी। पुलिस हिरासत से उसके भागने के बाद से ही प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे थे। 48 घंटे के गहन तलाशी अभियान के बाद दामोदर नदी से उसका शव बरामद होना एक दुखद अंत लेकर आया है। हालांकि, शव की खराब स्थिति और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स रेफर किए जाने से मामले की पेचीदगी और बढ़ गई है। क्या यह एक दुर्घटना थी, आत्महत्या या फिर इसके पीछे कोई और रहस्य छिपा है, इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएंगे। पुलिस प्रशासन अब रिम्स में होने वाले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। आफताब अंसारी की फरारी और मौत के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह पर अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, प्रहरी संतरी में तैनात गृह रक्षक अजय करमाली और नीमा चंद्र महतो को रामगढ़ थाना से सेवा मुक्त कर दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच कर रहे पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी ने आफताब के परिजनों को बताया कि रजरप्पा थाना क्षेत्र के लोदरू बेड़ा गांव के समीप दामोदर नदी के किनारे आफताब की लाश फंसी मिली है। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि 24 जुलाई की दोपहर जब वह थाने से फरार हुआ होगा, तो शायद दामोदर नदी पार करने की कोशिश की होगी। इसी दौरान वह नदी में बह गया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। हालांकि, इसका वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




