बरहेट (साहिबगंज): प्रखंड मुख्यालय में आयोजित तीन दिवसीय ‘पंचायत सशक्त नेत्री अभियान’ के तहत निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रखंड की महिला मुखिया और वार्ड सदस्य उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें पंचायत स्तर पर अधिक प्रभावशाली और आत्मनिर्भर बनाना है।
अधिकार और कर्तव्यों का बोध
प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रशिक्षकों ने महिला जनप्रतिनिधियों को उनके वैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और पंचायत की जटिल कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सत्र का मुख्य फोकस निम्नलिखित बिंदुओं पर रहा:
- योजनाओं का क्रियान्वयन: विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने और उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग की तकनीक।
- वित्तीय प्रबंधन: पंचायत फंड का सही उपयोग, लेखा-जोखा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- ग्रामसभा की भूमिका: ग्रामसभा को सशक्त बनाने और उसमें महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर।
- अभिलेख संधारण: सरकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स के सही प्रबंधन की बारीकियां।
नेतृत्व क्षमता का होगा विकास
प्रशिक्षकों ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि महिला प्रतिनिधि निर्वाचित तो हो जाती हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कार्यप्रणाली में पीछे रह जाती हैं। इस अभियान का मूल उद्देश्य उनकी नेतृत्व क्षमता (Leadership Quality) को विकसित करना है, ताकि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान कर सकें।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा लाभ
शिविर में बताया गया कि जब महिला प्रतिनिधि सशक्त होंगी, तभी सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाएगा। प्रशिक्षण के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने भी अपनी शंकाओं का समाधान किया और पंचायत प्रशासन की मजबूती के लिए अपने सुझाव साझा किए। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को होगा।





