नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित आईआरसीटीसी स्कैम मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए हैं। स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत में सोमवार को तीनों आरोपित पेश हुए। अदालत ने उनसे पूछा कि क्या वे खुद को दोषी मानते हैं या मुकदमे का सामना करेंगे? इसके जवाब में तीनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे का सामना करने और आरोपों को चुनौती देने की बात कही।
कोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 120 (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत आरोप तय किए। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भी धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगाए गए।
यह मामला रांची और पुरी स्थित आईआरसीटीसी के बीएनआर होटलों के टेंडर आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि लालू यादव रेल मंत्री रहते हुए होटल आवंटन के बदले परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए कीमती जमीनें बेहद कम दाम पर ट्रांसफर करवाई गई थीं। सीबीआई का दावा है कि यह सब एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुआ।
सुनवाई के दौरान लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे, जबकि राबड़ी और तेजस्वी भी उनके साथ मौजूद थे। सीबीआई ने आरोप लगाया कि रांची और पुरी के होटलों के ठेके नियमों की अनदेखी कर एक प्राइवेट कंपनी को दिए गए, और बदले में उस कंपनी ने लालू परिवार से जुड़ी कंपनियों को सस्ते दाम पर जमीन हस्तांतरित की।
लालू यादव और उनके परिवार ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है, और यह मामला राजनीतिक रूप से उछाला गया है। अब इस केस का ट्रायल शुरू होगा। अदालत ने 24 सितंबर को आरोप तय करने के आदेश के लिए सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था, जिसके बाद सोमवार को तीनों कोर्ट में उपस्थित हुए।

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