जमशेदपुर (कोल्हान): झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र, विशेषकर कोल्हान प्रमंडल के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो रही है। जमशेदपुर स्थित MGM मेडिकल कॉलेज और अस्पताल अब एक ‘क्षेत्रीय सुपर स्पेशियलिटी हब’ के रूप में विकसित होने जा रहा है। सरकार के इस कदम से न केवल चिकित्सा शिक्षा में सीटों की बढ़ोतरी होगी, बल्कि क्षेत्र की करीब 50 लाख आबादी को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सीटों में ऐतिहासिक वृद्धि: बनेंगे अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर
स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती देने के लिए आगामी सत्र से MGM में मेडिकल की सीटों को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जा रहा है:
- MBBS: 150 सीटों से बढ़ाकर अब 250 सीटें की जा रही हैं।
- PG (Post Graduate): 51 सीटों से बढ़ाकर सीधे 150 सीटें कर दी गई हैं।
इस विस्तार से कोल्हान क्षेत्र को भविष्य में तीन गुना अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर मिल सकेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर इलाज पहुँच पाएगा।
₹250 करोड़ का ‘मेगा अपग्रेड’
अस्पताल के बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत:
- आधुनिक UG और PG हॉस्टल का निर्माण।
- अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (Labs) और कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centre) की स्थापना।
- 1000 बेड का लक्ष्य: मेगा प्रोजेक्ट के तहत 500 बेड का नया अस्पताल तैयार है, जबकि साकची परिसर में शेष 500 बेड का काम अगले 18 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से सजेगा कोल्हान
अब कैंसर, किडनी (नेफ्रोलॉजी), हार्ट (कार्डियोलॉजी) और न्यूरोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज जमशेदपुर में ही संभव होगा:
कैथ लैब: आधुनिक कैथ लैब बनकर तैयार है, जिससे हृदय रोगों के इलाज में तेजी आएगी।
मानव बल: संसाधनों के साथ-साथ विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए राज्य स्तर पर 96 सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सकों की बहाली प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
रिम्स (RIMS) पर कम होगा बोझ
जमशेदपुर में इन सुविधाओं के विस्तार से रांची स्थित रिम्स (RIMS) पर मरीजों का दबाव काफी कम होगा। कोल्हान के मरीजों को अब कोलकाता या रांची जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा। यह बदलाव कोल्हान की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है।




