पटना, 02 अप्रैल 2025: बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के एक पुराने बयान को लेकर बड़ा हमला बोला है। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि लालू यादव ने 2010 में संसद में स्वीकार किया था कि वक्फ बोर्ड में जमीन कब्जे के नाम पर भारी लूट-पाट चल रही है। यह पोस्ट वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 के आसपास चल रही बहस के बीच सामने आई है, जिसने एक बार फिर वक्फ बोर्ड के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लालू के बयान का वीडियो वायरल
सम्राट चौधरी ने अपने X पोस्ट में एक पुराने वीडियो को साझा किया, जिसमें लालू यादव 2010 में संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में लालू कथित तौर पर कह रहे हैं कि वक्फ बोर्ड में जमीन के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। सम्राट ने इस वीडियो के साथ लिखा, “लालू यादव जी ने 2010 में संसद में स्वीकार किया था कि वक्फ बोर्ड में जमीन कब्जे के नाम पर भारी लूट-पाट चल रहा है। इस पोस्ट को अब तक हजारों बार देखा जा चुका है और इसने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।
वक्फ बोर्ड और संशोधन विधेयक का विवाद
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को 8 अगस्त 2024 को लोकसभा में पेश किया गया था। यह विधेयक वक्फ बोर्ड की संरचना, वक्फ संपत्ति की पहचान और इसके गठन के मानदंडों में बदलाव का प्रस्ताव करता है। विधेयक में एक अहम बदलाव यह है कि अब वक्फ संपत्ति बनाने वाला व्यक्ति कम से कम पांच साल से इस्लाम का पालन करने वाला होना चाहिए, जो 2013 के संशोधन को उलटता है। इसके अलावा, बोर्ड में सदस्यों के चुनाव की जगह राज्य सरकार को नामांकन का अधिकार देने का प्रावधान भी विवाद का केंद्र बना हुआ है।
वक्फ बोर्ड देश भर में 8.7 लाख संपत्तियों का प्रबंधन करता है, जिनका कुल क्षेत्रफल 9.4 लाख एकड़ है और अनुमानित मूल्य 1.2 लाख करोड़ रुपये है। लेकिन लंबे समय से इसकी संपत्तियों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। कर्नाटक वक्फ बोर्ड लैंड स्कैम इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहां 2012 में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बोर्ड की 27,000 एकड़ जमीन का गलत तरीके से हस्तांतरण किया गया, जिसकी कीमत करीब 2,000 अरब रुपये थी।
लालू-तेजस्वी का विरोध और बीजेपी का पलटवार
हाल ही में, 26 मार्च 2025 को पटना के गर्दनीबाग में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे और बिहार के विपक्षी नेता तेजस्वी यादव, और जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर शामिल हुए थे। तेजस्वी ने इस विधेयक को “असंवैधानिक” करार देते हुए कहा था कि उनकी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी। लेकिन सम्राट चौधरी ने लालू के पुराने बयान को सामने लाकर आरजेडी पर निशाना साधा है।
बीजेपी नेता और वक्फ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने भी AIMPLB पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
सियासी घमासान तेज
सम्राट चौधरी की इस पोस्ट ने बिहार की सियासत में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। एक तरफ बीजेपी वक्फ बोर्ड में सुधार की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला बता रहा है। इस बीच, लालू के पुराने बयान ने आरजेडी को बैकफुट पर ला दिया है। अब देखना यह है कि इस मुद्दे पर सियासी जंग किस दिशा में बढ़ती है।





