इटखोरी में हुआ बड़ा घोटाला 3.54 करोड़ की योजना बढ़कर हो गई 6.68 करोड़ ,वसूली के आदेश

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 रांची :  स्वास्थ्य विभाग के अधीन विभिन्न जिलों में वर्ष 2007-08 से बन रहे स्वास्थ्य केंद्रों में कई अनियमितताएं पहले सामने आ चुकी है। इस कड़ी में एक नया मामला सहायक अभियंता द्वारा राशि के गबन का मामला सामने आया है।सहायक अभियंता ललन कुमार चौधरी ने चतरा के इटखोरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण करनेवाले ठेकेदार को भुगतान नहीं कर 22 लाख सात हजार रुपये का गबन कर लिया। अब ठेकेदार को इस राशि का भुगतान राज्य सरकार को करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग को ठेकेदार को उक्त राशि के भुगतान के लिए कैबिनेट की स्वीकृति लेनी पड़ी। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में इस आधार पर राशि भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई कि उक्त राशि संबंधित सहायक अभियंता से वसूली कर राजकोष में जमा की जाएगी। साथ ही मामले में दोषी सहायक अभियंता और अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध की गई जानकारी कैबिनेट को देनी होगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस मामले में चतरा के उपायुक्त द्वारा गबन करनेवाले सहायक अभियंता के विरुद्ध नीलाम पत्र दाखिल कर राशि की वसूली की कार्रवाई की जा रही है।

दरअसल, विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए स्वीकृत राशि में 50 लाख रुपये की राशि अग्रिम सहायक अभियंता को दी थी। सहायक अभियंता ने इनमें 27 लाख 93 हजार रुपये का कार्य कराकर ठेकेदार को भुगतान किया, जबकि शेष राशि का गबन कर लिया। इधर, ठेकेदार ने गबन हुई राशि नहीं मिलने पर कोर्ट की शरण ली, जिसमें उच्च न्यायालय ने विभाग को ठेकेदार को राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। स्वास्थ्य विभाग ने इटखोरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए 31 मई 2008 को ही 3.54 करोड़ रुपये की योजना की स्वीकृति प्रदान की थी। बीच में विभिन्न कारणों से निर्माण कार्य बंद हो गया। इस बीच कुछ राशि सरेंडर भी हुई। बाद में वर्ष 2017 में इस योजना की संशोधित प्राक्कलन की स्वीकृति प्रदान की जो बढ़कर 6.68 करोड़ रुपये की हो गई। विभाग ने इस राशि के विरुद्ध अबतक 5.83 करोड़ रुपये उपायुक्त को आवंटित किए हैं।

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