प्राणपुर (कटिहार): प्राणपुर प्रखंड के केवाला पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, रामचन्द्रपुर में शिक्षकों और आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय प्रशासन ने विभाग से अंग्रेजी और संस्कृत विषय के शिक्षकों की नियुक्ति, भवन मरम्मत, शौचालय, चापाकल, ऊंची चहारदीवारी और मुख्य गेट के निर्माण की मांग की है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोती प्रसाद सिंह ने बताया कि कक्षा 6 से 8 तक अंग्रेजी और संस्कृत विषय के नियमित शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वर्तमान में कक्षा 1 से 5 के शिक्षक अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाते हुए उच्च कक्षाओं की पढ़ाई भी करा रहे हैं, लेकिन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी छात्रों के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में दो अतिरिक्त शौचालय, दो नए चापाकल, पुराने भवन का जीर्णोद्धार तथा चहारदीवारी को ऊंचा कर मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। इससे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय परिसर से होकर उच्च विद्यालय जाने का रास्ता गुजरता है, जिससे छोटे बच्चों को आवागमन के दौरान असुविधा होती है। यदि मुख्य गेट और सुरक्षित चहारदीवारी का निर्माण हो जाए तो यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक कुल 521 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। सभी विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल ड्रेस में विद्यालय आते हैं और अनुशासित ढंग से पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में समय-सारिणी के अनुसार पढ़ाई होती है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानाध्यापक मोती प्रसाद सिंह ने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं अरुण कुमार, मोहम्मद फारूक आजम, सीमा कुमारी, कृष्णा देवी, रानी खातून, निधि गुप्ता, रुद्र नारायण साह, सानू प्रिया, मो. गुलफाम अख्तर, लक्ष्मी मिश्रा और माला कुमारी की सराहना करते हुए कहा कि सभी शिक्षक पूरी ईमानदारी से शिक्षण कार्य के साथ विद्यालय संचालन और विकास में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन भी नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराया जाता है। यदि विभाग द्वारा पर्याप्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, भवन का जीर्णोद्धार और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं तो छात्रों को बेहतर शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सकेगा।





