गोड्डा समाहरणालय में उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में ‘पीएम पोषण शक्ति निर्माण’ योजना की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन देने, ड्रॉपआउट कम करने और ‘शिक्षा सारथी’ कार्यक्रम को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी रसोइया-सह-सहायिकाओं को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने और प्रखंड स्तरीय समितियों की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

पीएम पोषण योजना: गोड्डा में शिक्षा और स्वास्थ्य पर प्रशासन का जोर
गोड्डा के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाना था। बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में नामांकित हर छात्र को योजना का लाभ मिले और उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो।
ड्रॉपआउट कम करने और ‘शिक्षा सारथी’ पर फोकस
उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ‘शिक्षा सारथी’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं (ड्रॉपआउट), उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन केवल नियमित समीक्षा से ही संभव है, इसलिए सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय समितियों की बैठकें समयबद्ध तरीके से आयोजित की जाएं।
रसोइयों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रसोइया-सह-सहायिकाओं का कल्याण रहा। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कार्य में लगी सभी पात्र रसोइयों को ‘आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ से जोड़ा जाए। स्वास्थ्य बीमा मिलने से उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित हो सकेगी, जो इस योजना के सफल संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र विद्यार्थी को पीएम पोषण योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर लगातार निगरानी और सत्यापन करने को कहा गया है। बैठक में उप विकास आयुक्त विस्पुते श्री कांत यशवंत, सिविल सर्जन डॉ. एससी शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिला टुडू और जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक कुमार सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





