गोड्डा। आदिवासी कुड़मि समाज की सांस्कृतिक एकता और प्रमुख मांगों के समर्थन में 20 सितंबर को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित काड़ाडिह में आयोजित ‘आदिवासी कुड़मि सांस्कृतिक करम आखाड़ा—करम परबइति महाजड़ुआहि 2026’ में शामिल होने के लिए गोड्डा जिले से कुड़मि समाज के लोग शनिवार को बस और रेल मार्ग से रवाना हुए।
रवानगी से पहले समाज के सदस्यों ने शहीद चानकु महतो स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे बस से एक जत्था रवाना हुआ, जबकि अन्य सदस्य रेल मार्ग से काड़ाडिह के लिए रवाना हुए।
समाज की प्रमुख मांगों में कुड़मि समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करना, कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना तथा पारंपरिक संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए ठोस पहल करना शामिल है।
आयोजकों के अनुसार काड़ाडिह में झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कुड़मि समाज के लोगों के जुटने की तैयारी है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान, भाषा, परंपरा और मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखेगा।
गोड्डा से रविंद्र महतो, संजीव महतो, देवेंद्र महतो, सुरेश महतो, दशरथ महतो, दयानंद भारती सहित बड़ी संख्या में सामाजिक नेतृत्वकर्ता और समाज के सदस्य कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुए।





