भागलपुर: जीवन जागृति सोसाइटी के द्वारा डी ए वी पब्लिक स्कूल बरारी में सीपीआर डिमॉन्स्ट्रेशन का कार्यक्रम किया गया. प्रातः 9:00 बजे डी ए वी पब्लिक स्कूल बरारी में करीब 50 शिक्षकों 2000 विद्यार्थियों के बीच जीवन जागृति सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय कुमार सिंह के द्वारा सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया
सीपीआर यानी कार्डियो पल्मोनरी रिससीटेशन के बारे में डॉ अजय कुमार सिंह ने बच्चों को बताया की सीपीआर तब दिया जाता है जब किसी को हार्ट अटैक या सड़क दुर्घटना या जलवे डूबने के बाद ऐसी स्थिति आए की लगता हो कि अमुक व्यक्ति की जिंदगी या तो समाप्त हो रही है या समाप्त हो गया है सीपीआर सिर्फ उसे देना है जब लगे कि उसकी जीवन लाल लीला समाप्त हो रही है या हो चुकी है इसके लिए सांस देखना होता है ले रहा है या नहीं या धड़कन देखना होता है जो पल्स के रूप में दिखता है वह चल रहा है कि नहीं। साथ ही उसे हीलाने डुलाने पर कोई रिस्पांस है कि नहीं । यदि ऐसा लग रहा है कि धड़कन नहीं चल रहा है और सांस भी नहीं तब उसे छाती के सबसे निचले हड्डी के दो उंगली ऊपर बीचों-बीच अपने दोनों हथेलियां को एक दूसरे के ऊपर इंटरलॉक करके दो से प्रति 100 मिनट के रफ्तार से 30 बार दबाना होता है दबाना इतना होता है कि दो से ढाई इंची छाती धंसे। 30 बार छाती दबाने के उपरांत नाक बंद कर उसके मुंह में अपना सांस दो बार देना होता है और फिर देखना होता है कि सांस या धड़कन वापस आ रहा है कि नहीं ।नहीं आने पर पुनः या इसे दोहराते रहना पड़ता है जब तक की एम्बुलेंस नहीं आ जाए ।इस प्रक्रिया को अस्पताल पहुंचने तक करना चाहिए ।इस विधि से 40 से 50% लोगों की जान बच सकती है।इस कार्यक्रम के उपरांत दर्जनों बच्चों से सीपीआर कराया गया ।इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम प्रसाद सिंह ने कहा कि हम लोगों का या प्रयास है की कम से कम 25% आबादी इसे जरूर से जरूर सीख लेना चाहिए। स्कूल के प्रिंसिपल श्री अनिल कुमार जी ने ऐसे कार्यक्रम का सराहना किया और कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और यह बच्चे यदि सीखेंगे तो एक बच्चे कई लोगों की जान बचाएंगे

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




