हिन्दी पर अभिमान करें हम : एसडीएम
गोड्डा।
हिन्दी दुनिया की दूसरी सर्वाधिक व्यवहार की जाने वाली भाषा बन चुकी है। ऐसे में हमें अपनी भाषा हिन्दी पर अभिमान करना चाहिए। उक्त बातें गोड्डा के अनुमंडल पदाधिकारी बैद्यनाथ उरांव ने रविवार शाम स्थानीय इनडोर स्टेडियम में आयोजित साहित्यिक गोष्ठी में कहीं। जोहार कलमकार मंच झारखंड की गोड्डा जिला शाखा के बैनर तले हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। एसडीएम ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिन्दी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित जिला खेल पदाधिकारी डॉ. प्राण महतो ने कहा कि हिन्दी हमारे रिश्तों को मजबूती प्रदान करती है। वहीं, मुख्य वक्ता साहित्यकार शिव कुमार भगत ने हिन्दी के सफरनामे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मुक्तिबोध के साहित्यिक सफर और विशेष रूप से वैज्ञानिक बिम्ब पर आधारित उनकी प्रमुख काव्य कृतियों पर अपने विचार रखे। प्रखर वक्ता डॉ. मौसम ठाकुर, डॉन बोस्को के निदेशक अमित राय एवं आकाश कुमार ने भी हिन्दी के संघर्ष और वर्तमान स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सुरजीत झा ने की, जबकि संचालन डॉ. ब्रह्मदेव कुमार ने किया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें डॉ. ब्रह्मदेव कुमार, प्रकाश यादव, सुरजीत झा, मनीष कुमार सिंह, शैलेन्द्र प्रसाद, ओम प्रकाश मंडल, सोनू कुमार झा, विपुल कुमार दुबे, डॉ. स्मिता शिप्रा, ईश स्तुति, रूबी कुमार एवं खुशबू कुमारी ने अपनी कविताओं की प्रस्तुति देकर समा बांधा।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ब्रह्मदेव कुमार के संपादन में प्रकाशित पुस्तक ‘अनिरुद्ध प्रसाद बिमल की छंद साधना’ एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. स्मिता शिप्रा के संपादन में प्रकाशित पुस्तक ‘अनिरुद्ध प्रसाद बिमल की कहानियों में स्त्री-विमर्श’ का लोकार्पण मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर देवघर जिला कुश्ती संघ के सचिव संजीव कुमार झा, साहित्यसेवी अमरेंद्र कुमार सिंह, रिम्मी कुमारी, मनीष कुमार झा, नवीन कुमार झा, राहुल कुमार, प्रेमचंद महतो, नंदिनी कुमारी, सिद्धार्थ कुमार, सुमित कुमार यादव, पलक कुमारी, आरुषि कुमारी एवं कृति कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




