रांची: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-अभीम) और 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को बडी सौगात मिली है। राज्य में 205 करोड़ रुपये की लागत से 245 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) की स्थापना की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि बीपीएचयू की स्थापना से झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। हर ब्लॉक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, समय पर जांच, सटीक डाटा और त्वरित स्वास्थ्य प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी बीमारी या महामारी पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। राज्य में एक मजबूत, लचीली, विकेंद्रीकृत और जन-केंद्रित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की ठोस नींव रखी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आदिवासी, दूरदराज और वंचित क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि इससे विधानसभा स्तर पर क्लीनिकल सेवाओं को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का मुख्य उद्देश्य क्लीनिकल सेवाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। यह इकाई निगरानी (सर्विलांस), स्वास्थ्य योजना निर्माण, आपातकालीन तैयारी और समन्वित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रमुख संस्थागत केंद्र के रूप में कार्य करेगी।
मंत्री ने बताया कि प्रत्येक बीपीएचयू में एक मौजूदा सेवा प्रदाय संस्थान (जैसे सीएचसी, अनुमंडलीय अस्पताल या ब्लॉक पीएचसी), एक ब्लॉक पब्लिक हेल्थ प्रयोगशाला और एक ब्लॉक हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) सेल स्थापित किया जाएगा। ईएसआईसी जैसे प्लेटफॉर्म से समन्वय स्थापित कर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों स्तरों पर और मजबूत किया जाएगा। आने वाले समय में ब्लॉक, रेफरल और सदर अस्पतालों में भी व्यापक सुधार किए जाएंगे।





