
पूर्णिया: टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को पूर्णिया समाहरणालय में टीबी से ग्रसित मरीजों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने 20 से अधिक टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों को दवाओं के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर टीबी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बनाना है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल कुमार, सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी (CDO) डॉ. मोहम्मद तनवीर हैदर, टीबी विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए दवा के साथ संतुलित और पौष्टिक भोजन भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कहा कि “जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत समाज की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे टीबी मरीजों की मदद के लिए आगे आएं और उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करें, ताकि मरीज जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकें।
इस दौरान जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद तनवीर हैदर ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को तीन सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, खांसी में बलगम या खून, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, लगातार बुखार, रात में अत्यधिक पसीना आना, वजन कम होना या भूख कम लगना जैसी समस्याएं हों, तो यह टीबी संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लोगों को तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए, जहां जांच और उपचार की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है।
टीबी विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग टीबी मरीजों और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों के लिए 3HP (टीबी निवारण उपचार) टैबलेट भी उपलब्ध करा रहा है। यह कम अवधि की दवा योजना टीबी संक्रमण के खतरे को कम करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, नियमित दवा, पौष्टिक आहार और परिवार के सहयोग से टीबी को पूरी तरह हराया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखने पर बीमारी को छिपाने के बजाय तुरंत जांच कराएं और उपचार पूरा करें। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान और नियमित इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, और जनसहभागिता से टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकता है।

