ठाकुरगंगटी के पारसी चौक के निकट एकल विद्यालय की आचार्याओं की मासिक अभ्यास वर्ग बैठक आयोजित की गई। अंचल अभियान प्रमुख हेमकांत सिंह ने आचार्याओं को पंचमुखी शिक्षा के महत्व को समझाते हुए 5 जून को पर्यावरण दिवस और 21 जून को योग दिवस व्यापक रूप से मनाने का निर्देश दिया। बैठक में विद्यालयों के प्रभावी संचालन, बच्चों में नैतिक संस्कार और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
एकल विद्यालय आचार्याओं का अभ्यास वर्ग: शिक्षा के साथ संस्कार पर बल
ठाकुरगंगटी प्रखंड में संचालित एकल विद्यालयों की आचार्याओं की मासिक समीक्षा बैठक रविवार को आयोजित की गई। पारसी चौक के समीप हुई इस बैठक में अंचल अभियान प्रमुख हेमकांत सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। बैठक का उद्देश्य एकल विद्यालय की पंचमुखी शिक्षा व्यवस्था—शिक्षा, आरोग्य, विकास, जागरण और संस्कार—के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाना था।
पर्यावरण और योग दिवस की तैयारी
आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को लेकर आचार्याओं को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। हेमकांत सिंह ने कहा कि 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ और 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ को विद्यालयों में पूरी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने आचार्याओं से आग्रह किया कि वे इन कार्यक्रमों में बच्चों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय को भी जोड़ें ताकि समाज में पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
विद्यालयों की कार्यप्रणाली और विभागीय निर्देश
बैठक में विद्यालय संचालन के नियमों पर चर्चा करते हुए हेमकांत सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
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समय पर विद्यालय का संचालन और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो।
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विभागीय ग्रुप पर विद्यालय की गतिविधियों की तस्वीरें प्रतिदिन साझा की जाएं।
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बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ प्रार्थना, राष्ट्रीय गीत और संस्कार संबंधी मंत्रों का अभ्यास कराएं।
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स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधकों के साथ संवाद बढ़ाएं ताकि समाज में शिक्षा का बेहतर प्रसार हो सके।
बड़ी संख्या में आचार्याओं की सहभागिता
कार्यक्रम में पूजा कुमारी, गौरी कुमारी, शीला कुमारी, रूपा कुमारी सहित अनेक आचार्याएं उपस्थित रहीं। वहीं, संच अभियान अध्यक्ष अर्जुन यादव, राहुल कुमार सिंह, सोनू कुमार, संजय कुमार गुप्ता, रमेश मड़ैया एवं जितेंद्र कुमार महतो जैसे कार्यकर्ताओं ने भी बैठक की सफलता में अपना योगदान दिया। एकल विद्यालय की इस पहल से क्षेत्र में शिक्षा की लौ जल रही है और सामुदायिक सहभागिता के जरिए बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।





