गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से ठाकुरगंगटी प्रखंड के भगैया पंचायत भवन में आउटरिच एंड अवेयरनेश कार्यक्रम के तहत विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को कानून से संबंधित विभिन्न जानकारियां दी गईं।
बतौर मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दीपक कुमार ने कहा कि नशा समाज के विकास में सबसे बड़ा बाधक है। खासकर महिलाएं नशापान से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। नशे के कारण महिलाओं को रोजाना प्रताड़ना और पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशा किसी भी प्रकार का हो, वह शरीर और समाज दोनों के लिए हानिकारक है।
उन्होंने कहा कि आजकल स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी ड्रग्स की चपेट में आकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नशा उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान सचिव ने बाल विवाह के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की उम्र में बच्चों की शादी नहीं करनी चाहिए। कानून के अनुसार लड़कों की शादी के लिए 21 वर्ष और लड़कियों की शादी के लिए 18 वर्ष की आयु निर्धारित है। इससे कम उम्र में शादी कराना कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने में शामिल माता-पिता, बाराती, नाई, पंडित आदि के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह की स्थिति में स्थानीय थाना, बीडीओ या विद्यालय को इसकी सूचना दी जा सकती है। कार्यक्रम में अधिकार मित्र धनंजय कुमार, मुन्नी रानी, दिलीप यादव, पुष्पा कुमारी, संतोष कुमार समेत अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर दर्जनों ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।गोड्डा, गोड्डा न्यूज, झारखंड न्यूज, ठाकुरगंगटी, भगैया, विधिक जागरुकता शिविर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दीपक कुमार, नशा मुक्ति, नशा उन्मूलन, नशे के दुष्प्रभाव, ड्रग्स, नशामुक्त समाज, बाल विवाह, बाल विवाह कानून, कानूनी जागरूकता, ग्रामीण जागरूकता, महिला उत्पीड़न, छात्र-छात्राएं, झारखंड समाचार





