22 दिनों से धरना दे रहे नल जल अनुरक्षकों का सब्र आखिरकार टूट गया। छह सूत्री मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अनुरक्षक सोमवार को पटना के JP गोलंबर पर सड़क पर उतर आए। बड़ी संख्या में अनुरक्षकों के अचानक जुटने से इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग मानदेय बढ़ाकर ₹18 हजार प्रतिमाह करने की है।
दरअसल, नल जल अनुरक्षक अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर पिछले 22 दिनों से धरना दे रहे थे। लगातार धरना देने के बावजूद मांगों पर समाधान नहीं निकलने के बाद अनुरक्षकों ने आंदोलन को सड़क तक पहुंचाने का फैसला किया। सोमवार को बड़ी संख्या में अनुरक्षक JP गोलंबर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे नल-जल योजना के संचालन और रखरखाव से जुड़े कामों की जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित मानदेय नहीं मिल रहा है। अनुरक्षक लंबे समय से ₹18 हजार प्रतिमाह मानदेय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
JP गोलंबर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। फ्रेजर रोड की ओर जाने वाले रास्ते पर आवागमन में परेशानी की स्थिति बनी। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई और यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
नल जल अनुरक्षकों का कहना है कि 22 दिनों तक धरना देने के बाद भी उनकी आवाज नहीं सुनी गई, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। अब वे सरकार से अपनी छह सूत्री मांगों पर जल्द फैसला लेने और ₹18 हजार मानदेय की मांग पूरी करने की अपील कर रहे हैं।
फिलहाल JP गोलंबर पर नल जल अनुरक्षकों का प्रदर्शन चर्चा में है। प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या फैसला लिया जाता है और आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है, यह देखने वाली बात होगी।




