रांची : राजधानी रांची के सदर अस्पताल परिसर में उस समय माहौल गर्म हो गया जब आउटसोर्सिंग पर काम कर रही नर्सें अचानक विरोध-प्रदर्शन करने लगी। विरोध कर रही नर्सें लगातार अस्पताल पर मनमानी करने का आरोप लगा रही थी। अस्पताल प्रबंधन के द्वारा देर रात नोटिस निकाल दिया गया और फिर से परीक्षा देने की बात की जाने लगी। आदेश के बाद नर्शो में भारी आक्रोश है। करीब 300 नर्सें वर्तमान में सदर अस्पताल में सेवा दे रही हैं। इन नर्सों का कहना है कि वे पिछले आठ वर्षों से यहां निरंतर काम कर रही हैं और कोरोना महामारी के दौरान भी दिन-रात मरीजों की देखभाल की। उनका आरोप है कि परीक्षा का यह फरमान उनके अनुभव और सेवा के महत्व को कमतर आंकने जैसा है और इससे यह आशंका बढ़ती है कि कहीं यह उनकी नौकरी छीनने की कोशिश न हो। सुबह होते ही नर्सें अस्पताल के गेट पर जमा हो गईं और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। स्थिति को बिगड़ते देख डिप्टी सुप्रीटेंडेंट मौके पर पहुंचे और नर्सों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा नहीं ली जाएगी और किसी की भी नौकरी खतरे में नहीं पड़ेगी। आश्वासन मिलने के बाद नर्सों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया, लेकिन दोबारा आंदोलन की चेतावनी भी दी।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




