भागलपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस के कैंप कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले के विभिन्न प्रखंडों में की गई प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति का विरोध किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति का आदेश पार्टी के सक्षम प्राधिकार द्वारा जारी नहीं किया गया है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पार्टी के संविधान में इस तरह की नियुक्ति का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष को है और इसकी अधिसूचना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव द्वारा जारी की जाती है।
नेताओं ने तथाकथित प्रखंड अध्यक्षों की सूची पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सूची में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो संगीन आपराधिक मामलों में अभियुक्त हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे जनता के बीच पार्टी की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रेस वार्ता के दौरान नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष आरती सिंह ने प्रखंड अध्यक्षों की नियुक्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की गई है। उनका कहना था कि पार्टी की घोषित नीति के अनुसार सांगठनिक पदों में महिलाओं की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे इस पूरे मामले को कांग्रेस हाईकमान के समक्ष उठाएंगे और कथित नियुक्तियों को रद्द करने की मांग करेंगे।
प्रेस वार्ता को बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि डॉ. अभय आनंद, बिपिन बिहारी यादव, नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष आरती सिंह, ज्योति यादव, इंटक जिलाध्यक्ष रवि कुमार, बिहपुर प्रखंड अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रतिनिधि इरफान आलम तथा गोपालपुर प्रखंड अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रतिनिधि शंकर सिंह अशोक ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।





