रांची : देशव्यापी अभियान “ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र” (थीम: तिरंगा, सिपाही और मेरा देश) के तहत महेन्द्र प्रताप सिंह राणा, सिपाही प्रमुख एवं अध्यक्ष, पूर्व सैनिक महासभा ने 12 लाख रक्षा सूत्र (राखी) भारतीय सशस्त्र बलों को ससम्मान समर्पित किए। यह कार्यक्रम रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह वाइस चीफ ऑफ़ आर्मी की उपस्थिति में आयोजित हुआ। यह अभियान कारगिल विजय दिवस के अवसर पर औपचारिक रूप से शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य भारत के वीर सैनिकों की शहादत और सेवा को सम्मान देना है। हर राखी देश की मिट्टी से तिलक की गई है और उसके साथ नागरिकों, विशेषकर छात्रों और स्वयंसेवकों द्वारा लिखा गया संकल्प पत्र भी है, जिसमें सैनिकों के प्रति आभार और देशभक्ति का भाव व्यक्त किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद, ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र देशवासियों की तरफ से सैनिकों को बहनों के प्रेम और सम्मान का भावपूर्ण संदेश है। देश के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा यह बहुत ही सराहनीय कार्य है ऑपरेशन सिंदूर के बाद लोगों में यह भाव जागृत हुई यह एक भाई बहन का प्यार जो सैनिक- _20 _25 डिग्री में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं उनको देश की बहनों के द्वारा रक्षा सूत्र बांधे जाने पर उनके और इरादे मजबूत होंगे और हमारे देश के जवान और दृढ़ता के साथ अपनी देश की सेवा में अपना योगदान देंगे इस कार्य के लिए महेंद्र प्रताप सिंह राणा जी को ढेर सारी शुभकामनाएं l यह अभियान 2023 में शुरू हुआ था और अब तक 15 लाख से अधिक नागरिक संकल्प जमा हो चुके हैं। वर्ष 2025 में इसका लक्ष्य 21 लाख रक्षा सूत्र सेना को समर्पित करना है। ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र सेवा, बलिदान और एकजुटता की भावना में देश की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। ये दोनों अभियान विकसित भारत @2047 की सोच के अनुरूप हैं, जो राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करते हैं, सैनिकों और नागरिकों के रिश्ते को गहरा करते हैं, और पूरे देश में एकता व देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देते हैं।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




