पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन के भीतर रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राजद और कांग्रेस ने अब अपनी परंपरागत MY (मुस्लिम-यादव) राजनीति से आगे बढ़कर अगड़े वर्गों, खासकर भूमिहारों पर भरोसा जताया है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और राजद दोनों मिलकर लगभग 20 भूमिहार उम्मीदवारों को टिकट देने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने अपनी ओर से 22 उम्मीदवारों को सिंबल दे दिया है, जिनमें 10 भूमिहार नेता शामिल हैं। कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे भूमिहार उम्मीदवार: बिक्रम से अनिल शर्मा वैशाली से ई. संजीव बेगूसराय से अमिता भूषण हिसुआ से नीतू सिंह भागलपुर से अजित शर्मा लखीसराय से अनीश कुमार गोबिंदगंज (मोतिहारी) से गप्पू राय वारिसलीगंज से मंटन शर्मा बरबीघा से त्रिशूलधारी सिंह टिकारी से भी एक भूमिहार नेता को टिकट देने की तैयारी है। हालांकि, महागठबंधन में अभी सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति नहीं बनी है, लेकिन कांग्रेस, राजद और वाम दल अपने-अपने प्रत्याशियों को सिंबल देने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि आज शाम तक स्थिति स्पष्ट हो सकती है, क्योंकि पहले चरण के नामांकन की अंतिम तारीख कल (17 अक्तूबर) है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव तेजस्वी यादव की नई रणनीति का हिस्सा है। एक समय ‘भूराबाल साफ करो’ का नारा देने वाली राजद अब भूमिहारों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है। सूत्रों के अनुसार, राजद भी 10 भूमिहार उम्मीदवारों को टिकट दे सकती है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि राजद-कांग्रेस का यह ‘अगड़ा कार्ड’ बिहार की सियासत में कितना कारगर साबित होता है।





