राज्य में महिलाओं के लिए मजबूत रणनीति, हड़िया दारु से दूर होगी महिलाएं

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

रांची : आजकल राजनीति में लोकसभा और विधानसभा को अब समस्या सुलझाने के लिए नहीं, बल्कि एक-दूसरे को दोष देने का अखाड़ा बनते देखा गया है. अब राजनीति का मूल उद्देश्य है एक-दूसरे पर कीचड़ उछालना और उसे विकास का नाम देने जैसा हो गया है. जानता उम्मीद लगाए बैठी है की कब मिलकर ये नेता जानता की मुद्दों पर बात करेंगे . मगर आज जो तस्वीर झारखंड के बजट सत्र के दौरान देखने को मिली वो वाक़ये में तारीफ़ योग्य है. क्यूंकि ऐसा काफ़ी कम देखने को मिलता है, जहाँ पक्ष विपक्ष में मुद्दों की साथ मिलकर सुलझाने की बात हो.

बजट सत्र के दौरान झारखंड राज्य की महिलाओं के लिए एक खास पहल की गई है. ख़ास बात यो ये है कि सदन के नौवे दिन लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर सदन में देखने को मिली. वो तब जब नेता प्रतिपक्ष ने सदन में सरकार से सवाल किया तो सदन के नेता ने आमतौर पर आरोप प्रत्यारोप लगाने के बजाए ये कहा कि आप सुझाव दें जम साथ मिलकर काम करेंगे. साथ मिलकर झारखंड से दारू हड़ियाँ के दाग को खत्म किया जाएगा.

बाबूलाल मरांडी ने उठाये सवाल

बजट सत्र के दौरान बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष ने सदन में सरकार से सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में सड़क के किनारे हड़िया दारु की बिक्री आदिवासी महिला करती है यह राज्य के लिए शर्म की बात है आखिर कैसे आदिवासी समाज के लोग दारू छोड़ कर मुख्य धारा में लौटेंगे. संथाल परगना क्षेत्र में सबसे अधिक सड़क के किनारे आदिवासी महिला दिखती हैं. इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जवाब दिया कहां गुरु जी ने भी सपना देखा था कि झारखंड में दारू हडिया शराब छोड़कर आदिवासी महिलाएं कुछ दूसरे काम से जुड़े.

हेमंत ने बढ़ाया हाथ
इस दिशा में हमारी सरकार ने काम किया फूलों जानो योजना लाई गई ताकि महिलाओं को रोजगार मिले और वो इन कामों से दूर जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा के राज्य में हाड़िया दारु सिर्फ हमारे पूजा पाठ तक के सीमित रहना चाहिए. उन्होंने नवनिर्मित नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से कहा कि अगर आपके पास भी कोई सुझाव हो उसे सुझाव को दीजिए इस दिशा में साथ मिलकर काम करेंगे. ऐसे में सड़क में लोकतंत्र की एक सबदार तस्वीर आज देखने को मिली. जहाँ एक दूसरे की गलतियों को याद दिलाने के बजाए जानता की हित पर बात की गई.

kelanchaltimes
Author: kelanchaltimes

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

डीएसपीएमयू में प्रशासनिक व अकादमिक समन्वय पर जोर, कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने की दो महत्वपूर्ण बैठकें

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक और अकादमिक संभागों के साथ नियमित बैठक और संवाद को

प्रतियोगिता में परिणाम से अधिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण – कुलपति डॉ राजीव मनोहर

DSPMU के प्रतिभागियों का शानदार प्रदर्शन, 39वें AIU यूथ फेस्टिवल में कई श्रेणियों में जीते सम्मान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने AIU

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश

रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में श्रद्धा और परंपरा के संग गूंजा सरना झंडा गड़ी उत्सव, युवाओं ने लिया संस्कृति संरक्षण का संकल्प

रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के न्यू बिल्डिंग परिसर में आज आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में पारंपरिक