सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट पर ताला, फिर भी सिलेंडर भराने में खर्च हो रहा सरकारी खजाना

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

भागलपुर। कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से मची त्रासदी को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से पीएम केयर्स फंड के तहत देश के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे। इसी क्रम में भागलपुर सदर अस्पताल परिसर में भी मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। प्लांट के बाहर लगे बोर्ड के अनुसार इसकी फंडिंग पीएम केयर्स से हुई, जबकि इसे एलएंडटी ने क्रियान्वित किया और डीआरडीओ ने डिजाइन एवं विकसित किया।

इस प्लांट को स्थापित करने का उद्देश्य अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर मरीजों को निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध कराना और बाहरी स्रोतों से ऑक्सीजन मंगाने पर निर्भरता कम करना था। लेकिन वर्तमान स्थिति में इस उद्देश्य के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। सदर अस्पताल परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के संरक्षित शेड के गेट पर ताला लगा हुआ है। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार नए मॉडल अस्पताल भवन में बिछाई गई ऑक्सीजन पाइपलाइन का कनेक्शन अब तक इस प्लांट से नहीं जोड़ा गया है।

सबसे बड़ा सवाल जंबो ऑक्सीजन सिलेंडरों को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्लांट से जंबो सिलेंडरों की रिफिलिंग नहीं हो रही है। जरूरत पड़ने पर अस्पताल को सिलेंडर बाहर से भरवाने पड़ रहे हैं। यानी एक ओर अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए प्लांट स्थापित है, वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन सिलेंडरों की रिफिलिंग पर सरकारी राशि खर्च हो रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि प्लांट की क्षमता का इस्तेमाल क्यों नहीं हो पा रहा है और इसे अस्पताल की ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था से जोड़ने में अब तक क्या बाधा है।

प्लांट के समीप लगे सूचना बोर्ड पर सदर अस्पताल में विभिन्न सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। वहीं मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के बोर्ड पर पीएम केयर्स, एलएंडटी और डीआरडीओ से जुड़ी जानकारी अंकित है। सदर अस्पताल का समय-समय पर जिलाधिकारी अलंकृता पांडे समेत वरीय प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाता रहा है। बीते दिनों भी सदर अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। इसके बावजूद ऑक्सीजन प्लांट को अस्पताल की पाइपलाइन से जोड़कर नियमित संचालन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मणिभूषण झा ने बताया कि नए मॉडल अस्पताल भवन के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पाइपलाइन लगाई गई है, लेकिन उसका कनेक्शन अभी ऑक्सीजन प्लांट से नहीं जोड़ा गया है। हाल के दिनों में बीएमएसआईसीएल के जीएम द्वारा भी स्थल का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के बाद कनेक्शन का काम पूरा कर प्लांट को जल्द संचालित किए जाने की संभावना है।

अब सवाल यही है कि कोरोना जैसी आपदा में मरीजों की जिंदगी बचाने के उद्देश्य से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट कब तक ताले में बंद रहेगा और कब सदर अस्पताल के मरीजों को इसका वास्तविक और पूर्ण लाभ मिल सकेगा। साथ ही, जब तक प्लांट पूरी तरह चालू नहीं होता, तब तक बाहर से जंबो सिलेंडर भरवाने पर हो रहे सरकारी खर्च और उसकी आवश्यकता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है।

kelanchaltimes
Author: kelanchaltimes

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

पाकुड़ नगर परिषद में 2 करोड़ की योजनाओं पर घमासान, पार्षदों ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का पुतला फूंका; समर्थकों ने फोड़े पटाखे

पाकुड़: नगर परिषद क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की सड़क योजनाओं के चयन को लेकर सोमवार को विवाद गहरा गया। योजना चयन में पक्षपात और

कटिहार का 115 साल पुराना दुर्गागंज दुर्गा मंदिर, 2002 में हुआ सार्वजनिक

कदवा (कटिहार): बिहार के कटिहार जिले के कदवा प्रखंड स्थित दुर्गागंज का ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की पुरानी जमींदारी व्यवस्था की विरासत

गलगलिया के पथरघट्टा हाई स्कूल में SSB का साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम

गलगलिया: विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 8वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल

कटिहार के 9 खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो में जीते गोल्ड मेडल, राज्य स्तर पर चयनित

स्कूली गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित प्रमंडल स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में उत्क्रमित मध्य विद्यालय बर्मा रिफ्यूजी कॉलोनी के छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन