कुरसेला (कटिहार): समय पर हुई मानसूनी बारिश ने कटिहार जिले के कुरसेला और समेली प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी को नई गति दे दी है। इन दिनों गांव-गांव में धान की रोपाई पूरे उत्साह के साथ जारी है। कुछ सप्ताह पहले तक सूने पड़े खेत अब धान के नन्हे पौधों की हरियाली से भर चुके हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है।
सुबह से शाम तक किसान अपने परिवार के सदस्यों और खेतिहर मजदूरों के साथ खेतों में जुटे हुए हैं। कहीं महिलाएं कतारबद्ध होकर धान की रोपाई कर रही हैं तो कहीं किसान खेतों की जुताई, समतलीकरण और सिंचाई के कार्य में लगे हैं। खेतों में किसानों की मेहनत और उत्साह इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद को और मजबूत कर रहा है।
किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश के कारण धान की रोपाई बिना किसी बड़ी बाधा के पूरी की जा रही है। यदि आने वाले दिनों में भी मौसम अनुकूल रहा और पर्याप्त वर्षा होती रही, तो इस वर्ष धान की फसल पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर होने की संभावना है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों का नजारा किसी हरित उत्सव से कम नहीं है। दूर-दूर तक फैले हरे-भरे खेत, रोपाई में जुटे किसान, खेतों में गूंजते लोकगीत और मिट्टी की सोंधी खुशबू पूरे वातावरण को जीवंत बना रही है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण धान की रोपाई यहां केवल खेती नहीं, बल्कि सामूहिक श्रम, परंपरा और ग्रामीण संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
हालांकि किसानों ने कृषि विभाग से समय पर उर्वरक, गुणवत्तापूर्ण बीज और सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आवश्यक कृषि संसाधन समय पर उपलब्ध हो जाएं तो इस वर्ष धान की बंपर पैदावार संभव है।




