हिरणपुर। प्रखंड के सुंदरपुर पंचायत अंतर्गत मौजा सुंदरपुर पंचायत भवन में उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली 2025 के प्रावधानों के तहत पारंपरिक ग्राम सभा और उसकी सीमा के निर्धारण एवं सत्यापन को लेकर ग्राम सभा आयोजित की गई। ग्राम प्रधान माधव चंद्र शील की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के कार्यालय स्थल, सहायक सचिव और कोषाध्यक्ष के चयन के साथ क्षेत्र का नजरी नक्शा तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में ग्रामीणों ने पेसा कानून के प्रावधानों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर ग्राम सभा को प्रभावी बनाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। चर्चा के बाद ग्रामीणों की सर्वसम्मति से पुराने पंचायत भवन, सुंदरपुर को ग्राम सभा के कार्यालय स्थल के रूप में चुना गया। ग्राम सभा की गतिविधियों और संचालन के लिए इसी भवन का उपयोग करने पर सहमति बनी।
ग्राम सभा की सीमा और क्षेत्र के निर्धारण को लेकर नजरी नक्शा तैयार करने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत क्षेत्र के प्रमुख स्थानों को नक्शे में दर्शाया गया, जिससे ग्राम सभा के अधिकार क्षेत्र और पारंपरिक सीमा का स्पष्ट निर्धारण एवं सत्यापन किया जा सके।
बैठक में लक्ष्मी देवी को सहायक सचिव और गौरव दत्ता को कोषाध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से चुना गया। उपस्थित ग्रामीणों ने दोनों के चयन पर सहमति जताते हुए उन्हें संबंधित जिम्मेदारियां सौंपीं।
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि पेसा कानून के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम सभा को मजबूत और प्रभावी बनाने से स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर ग्राम सभा के माध्यम से चर्चा और सामूहिक सहमति के आधार पर निर्णय लेने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
बताया गया कि हिरणपुर प्रखंड के अन्य कई गांवों में भी ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया है। इन ग्राम सभाओं में सहायक पंचायत सचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों के चयन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही पारंपरिक ग्राम सभा की सीमा के निर्धारण, सत्यापन और पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को प्रभावी बनाने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


