धनबाद/ प्रयागराज: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार देर रात प्रयागराज के शंकरगढ़ क्षेत्र में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर छोटू धनबादिया उर्फ आशीष रंजन को एक मुठभेड़ में मार गिराया। झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बन चुका छोटू अपने पास एके-47 और पिस्टल लिए हुए था। एसटीएफ को खुफिया इनपुट मिला था कि वह प्रयागराज में बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस के अनुसार, एसटीएफ ने शिवराज चौराहे के पास छोटू को घेरने की कोशिश की तो उसने अचानक एके-47 और 9एमण पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटनास्थल से एके-47, एक पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। छोटू धनबादिया झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर था, जिस पर धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं का आरोप था। बिहार-झारखंड में फैले उसके नेटवर्क को लेकर लंबे समय से खुफिया एजेंसियां सतर्क थीं। धनबाद पुलिस ने उस पर4 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। छोटू कभी गैंगस्टर अमन सिंह का खास शूटर था। अमन के जेल जाने के बाद उसने खुद का गैंग बना लिया और वर्चस्व की जंग छेड़ दी। 3 दिसंबर 2023 को अमन सिंह की जेल में हत्या कर दी गई, जिसकी जिम्मेदारी आशीष रंजन ने सोशल मीडिया पर ली थी। इसके बाद से वह टॉप मोस्ट वॉन्टेड बन चुका था। छोटू के खिलाफ झारखंड और बिहार में रंगदारी, हत्या, शेल्टर माफिया और अवैध हथियारों के दर्जनों मामले दर्ज थे। धनबाद पुलिस ने उसके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की थी, मगर वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




