अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘जनजातीय गौरव दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से हमारे भारत की चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन में ट्राइबल समाज के योगदान को हम भुला नहीं सकते हैं. पीएम मोदी ने बिरसा मुंडा को किया यादनर्मदा में भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां नर्मदा की ये पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है. अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई. हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ है. आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं. आदिवासी समाज की कहानी बताईउन्होंने कहा कि 2021 में हमने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी. जनजातीय गौरव हजारों वर्षों से हमारे भारत की चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है. पीएम मोदी ने कहा, “जब-जब देश के सम्मान, स्वाभिमान और स्वराज की बात आई, तो हमारा आदिवासी समाज सबसे आगे खड़ा हुआ. हमारा स्वतंत्रता संग्राम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. स्वतंत्रता आंदोलन में ट्राइबल समाज के योगदान को हम भुला नहीं सकते.” कई योजनाओं का किया लोकार्पणविकास और जनजातीय कल्याण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य, सड़क और यातायात से जुड़े कई और प्रोजेक्ट्स शुरू हुए हैं. मैं इन सभी विकास कार्यों के लिए, सेवा कार्यों के लिए, कल्याण योजनाओं के लिए आप सभी को विशेषकर के गुजरात और देश के जनजातीय परिवारों को बधाई देता हूं.पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के पहले भगवान बिरसा मुंडा को कोई याद करने वाला नहीं था. सिर्फ उनके अगल-बगल के गांव तक ही पूछा जाता था. आज देशभर में कई ट्राइबल म्यूजियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री गोविंद गुरु चेयर जनजातीय भाषा संवर्धन केंद्र की स्थापना भी हुई है।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




