चंडीगढ़। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने शुक्रवार काे वीरता, कला-संस्कृति, विज्ञान, पर्यावरण, सामाजिक सेवा और खेल के क्षेत्र में देशभर के 20 बच्चाें काे प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल वीर पुरस्कार प्रदान किया। इन बच्चाें में पंजाब के फिरोजपुर के गांव चकतारण वाली का रहने वाला दस वर्षीय बच्चे शवण सिंह भी शामिल है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले शवण सिंह काे सामाजिक सेवा के क्षेत्र में पुरस्कार दिया गया। पाकिस्तान की सीमा से लगे जिला फिरोजपुर के गांव चकतारण में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब ड्रोन से हमले हो रहे थे। ऐसे में ममदोट के सिटी हार्ट स्कूल का छात्र शवण सिंह अपने घर से दूध, रोटी व लस्सी लेकर सैनिकों काे देने जाता था। शवण सिंह ने अपने परिवार तथा समुदाय के लाेगाें काे भी सैनिकाें की मदद करने के लिए भी प्रेरित किया। इस घटनाक्रम के बाद शवण न केवल चर्चा का केंद्र बना बल्कि कई लोगों के लिए प्रेरणा भी बना। इस साहस के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे सम्मानित कर चुके हैं। मेजर जनरल रणजीत सिंह मनराल ने भी इस बच्चे काे भारतीय सेना की ओर से प्रशंसा पत्र प्रदान किया और एक लाख 11 हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया। शवण सिंह को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उसके उत्कृष्ट कार्य के लिए आज प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रदान किया।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




