रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे झारखंड के प्रति केंद्र सरकार की भेदभावपूर्ण रवैये का दस्तावेज बताया है।
उन्होंने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह बजट झारखंड के प्रति केंद्र के भेदभाव को दर्शाता है और जनता इसे भली-भांति देख रही है।
पांडेय ने कहा कि खनिज-संपन्न, श्रमशील और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले झारखंड को न तो उसका बकाया मिल रहा है और न ही राज्य की वास्तविक विकास जरूरतों को बजट में जगह दी जा रही है। उन्होंने जीएसटी युक्तिकरण के कारण झारखंड को होने वाली हजारों करोड़ रुपये की वार्षिक क्षति पर भी केंद्र सरकार की चुप्पी को गंभीर बताया।
उन्होंने कहा कि यह बजट झारखंड के लिए विकास का नहीं, बल्कि निराशा का दस्तावेज है। कहा कि कृषि, सिंचाई, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना जैसे अहम क्षेत्रों में झारखंड को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। चुनावी समीकरणों के आधार पर चुनिंदा राज्यों को भारी पैकेज देकर भेदभाव की नीति अपनाई गई है।
पांडेय ने कहा कि बजट में न तो नई रेल लाइन की घोषणा की गई है, न नई ट्रेनों की, और न ही सीमांत किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के लिए कोई ठोस पहल की गई है।




