उधवा प्रखंड में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चलाए गए ‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान का समापन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता, सुरक्षित सैनिटरी पैड उपयोग और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने जागरूकता फैलाने की शपथ ली। विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।
माहवारी स्वच्छता पर जोर, ‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान का हुआ समापन
महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक
उधवा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चलाए जा रहे ‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान का गुरुवार को प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों तथा सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित करना था। समापन समारोह में पंचायत प्रतिनिधियों, जलसहियाओं, महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
माहवारी स्वच्छता को लेकर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मास्टर जलसहिया आसनारा बीवी ने महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है और इसे लेकर समाज में फैली झिझक तथा भ्रांतियों को समाप्त करना आवश्यक है।
उन्होंने महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी पैड का उपयोग करने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। साथ ही साफ-सफाई और संतुलित आहार के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जागरूकता फैलाने की ली शपथ
समापन कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण प्रतिभागियों ने माहवारी स्वच्छता के सभी मानकों को अपनाने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ ली। महिलाओं और किशोरियों ने संकल्प लिया कि वे स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर चर्चा करेंगी और अन्य महिलाओं को भी जागरूक करेंगी।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी मासिक धर्म को लेकर कई तरह की सामाजिक वर्जनाएं मौजूद हैं। ऐसे अभियानों के माध्यम से महिलाओं को सही जानकारी मिलने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा भी मजबूत होती है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया गया पौधारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। पश्चिमी उधवा दियारा पंचायत के मुखिया जियाउल हक के नेतृत्व में पंचायत सचिवालय परिसर में पौधे लगाए गए।
मुखिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने घर और आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करते हैं।
महिला स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ जोड़कर लोगों को जागरूक किया गया। आयोजन में उपस्थित महिलाओं और किशोरियों ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता जताई।
इस अवसर पर जलसहिया मुखलेशा बीवी, आकलीमा बीवी, मैनुर खातून, मोहम्मद अनारूल हक, रज्जाक शेख, खबीर शेख, रेहान शेख एवं समसुल हक सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन स्वच्छता, स्वास्थ्य और हरित पर्यावरण के संकल्प के साथ किया गया।





