बिरसा हरित ग्राम योजना से बदली किसानों की तस्वीर, आम मेले में दिखी आत्मनिर्भरता की मिसाल

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हिरणपुर प्रखंड परिसर में आयोजित आम मेले में बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुक किसानों ने अपने बागानों में उत्पादित विभिन्न किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगाई। किसानों ने बताया कि योजना के तहत लगाए गए फलदार पौधों से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक बागवानी और बेहतर विपणन व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित किया।

 

हिरणपुर। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। इसका सजीव उदाहरण हिरणपुर प्रखंड परिसर में आयोजित आम मेले में देखने को मिला, जहां योजना से जुड़े लाभुक किसानों ने अपने बागानों में उत्पादित विभिन्न किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगाकर अपनी सफलता की कहानी साझा की।
आम मेले में किसानों ने आम्रपाली, मालदह, खिरसापति, मियाजाकी सहित कई उन्नत और लोकप्रिय किस्मों के आमों का प्रदर्शन किया। आकर्षक रंग, बेहतरीन स्वाद और उच्च गुणवत्ता के कारण इन आमों ने मेले में आए लोगों का विशेष ध्यान खींचा। बड़ी संख्या में पहुंचे आगंतुकों ने किसानों से सीधे आम खरीदकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया और किसानों का उत्साहवर्धन किया।
मेले में शामिल किसानों ने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाए गए फलदार पौधे अब अच्छी मात्रा में उत्पादन देने लगे हैं। इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। किसानों ने कहा कि पहले जहां खेती से सीमित आमदनी होती थी, वहीं अब बागवानी के माध्यम से अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत विकसित हुआ है। इससे उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
कार्यक्रम के दौरान अंचल अधिकारी, परियोजना पदाधिकारी तथा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना। अधिकारियों ने किसानों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आय वृद्धि का सशक्त माध्यम बन रही है। यह योजना न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि कृषि आधारित आजीविका को भी नई दिशा दे रही है।
अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों और बेहतर विपणन रणनीतियों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसान उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से सीधा जुड़ाव बढ़ाएं तो उन्हें अपनी उपज का और बेहतर मूल्य मिल सकता है। साथ ही ऐसे आयोजनों से किसानों को अपनी उपज प्रदर्शित करने, खरीदारों से संपर्क स्थापित करने और अन्य किसानों को प्रेरित करने का अवसर मिलता है।
आम मेले के माध्यम से स्थानीय किसानों को अपने उत्पादों के विपणन का बेहतर मंच मिला, वहीं उपभोक्ताओं को ताजे और गुणवत्तापूर्ण फलों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। यह आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बागवानी आधारित कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। किसानों की सफलता यह साबित करती है कि सही योजना और मेहनत के बल पर ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि की नई कहानी लिखी जा सकती है।

rohini shree
Author: rohini shree

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