खड़गपुर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, मानव तस्करी विरोधी अभियान में पांच नाबालिगों को सुरक्षित बचाया

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खड़गपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल ने मानव तस्करी विरोधी संयुक्त अभियान के दौरान पांच नाबालिग बालकों को बचाया और दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि बच्चों को रोजगार का लालच देकर आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा था। वैध अनुमति पत्र नहीं मिलने और बच्चों के बयानों के आधार पर कार्रवाई की गई। बाद में सभी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी को सौंप दिया गया।
खड़गपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच नाबालिग बालकों को सुरक्षित बचाया तथा दो संदिग्ध मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 जून 2026 को चलाए गए विशेष मानव तस्करी विरोधी अभियान के दौरान की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरपीएफ/सीआईबी/शालीमार को मिली विशेष सूचना के आधार पर ट्रेन संख्या 18045 में शालीमार और सांतरागाछी रेलवे स्टेशन के बीच संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान में आरपीएफ/सीआईबी/खड़गपुर, आरपीएफ/सीआईबी/शालीमार, आरपीएफ पोस्ट खड़गपुर की टीम तथा मानव तस्करी निरोधक गतिविधियों से जुड़ी एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जांच के दौरान टीम ने दो व्यक्तियों को पांच नाबालिग बालकों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करते हुए पाया। पूछताछ के क्रम में दोनों व्यक्तियों से बच्चों को उनके गृह क्षेत्र से बाहर ले जाने संबंधी वैध अनुमति या अभिभावकों की सहमति से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके।
आगे की जांच में यह तथ्य सामने आया कि बच्चों को श्रम कार्य के लिए आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा था। पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच के बाद सभी पांचों बच्चों के नाबालिग होने की पुष्टि की गई। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें रोजगार और अच्छी मजदूरी का लालच देकर साथ लाया जा रहा था, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि गंतव्य स्थान पर उनसे किस प्रकार का कार्य कराया जाएगा।
बच्चों के बयान और परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों को श्रम शोषण और मानव तस्करी की आशंका और अधिक मजबूत लगी। इसके बाद आरपीएफ टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सांतरागाछी रेलवे स्टेशन पहुंचने पर बच्चों और दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को ट्रेन से उतार लिया।
रेलवे सुरक्षा बल ने दोनों आरोपियों को संबंधित कानूनी धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया। वहीं बचाए गए पांचों बच्चों को सुरक्षा प्रदान करते हुए आगे की जांच, परामर्श और पुनर्वास संबंधी आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के हवाले कर दिया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मानव तस्करी, बाल श्रम और बच्चों के शोषण की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी बच्चे को अवैध रूप से रोजगार, मजदूरी या अन्य शोषणकारी गतिविधियों के लिए नहीं ले जाया जा सके।
आरपीएफ ने कहा कि यह सफल अभियान रेलवे नेटवर्क के माध्यम से होने वाली मानव तस्करी पर अंकुश लगाने और संवेदनशील बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं बच्चों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करते व्यक्ति दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित एजेंसियों को दें।
rohini shree
Author: rohini shree

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