पाकुड़ : जनगणना एवं एसआईआर कार्य को लेकर प्रशासन जहां पूरी तरह सतर्क है, वहीं रविवार को सदर प्रखंड के नवरौतमपुर पंचायत स्थित रामचंद्रपुर पहाड़िया टोला में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में एक कैफे संचालक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बाद में सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कैफे संचालक हेमंत कुमार पिछले कई महीनों से बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का काम कर रहा था। इसके लिए ग्रामीणों से प्रति प्रमाण पत्र 2 हजार से 10 हजार रुपये तक वसूले गए। ग्रामीणों को कथित फर्जीवाड़े की जानकारी तब मिली जब आधार केंद्र में उन्हें बताया गया कि उनके द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र फर्जी हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मामले की पुष्टि होने के बाद उन्होंने और प्रमाण पत्र बनवाने का झांसा देकर हेमंत कुमार को गांव बुलाया और पकड़ लिया। इसके बाद घटना की सूचना सदर अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया को दी गई। सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे, मामले की जांच की और युवक को मुफ्फसिल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
बताया गया कि युवक को ले जाने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने अपने पैसे वापस दिलाने की मांग को लेकर पुलिस का विरोध भी किया। हालांकि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ और पुलिस युवक को अपने साथ थाना ले गई।
ग्रामीणों ने थाना में लिखित शिकायत देकर उनसे लिए गए पैसे वापस दिलाने की मांग की है।
मामले में हेमंत कुमार ने बताया कि वह खदानपाड़ा का रहने वाला है तथा उसका मुख्य आवास हिरणपुर प्रखंड के बक्सिसा में है। वह तलवाड़ांगा में एक कैफे संचालित करता है, जहां ऑनलाइन कार्य किए जाते हैं। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के संबंध में पूछे जाने पर उसने कहा कि गोड्डा निवासी दीपक नामक युवक जन्म प्रमाण पत्र बनाकर देता था और उसे जानकारी नहीं थी कि प्रमाण पत्र फर्जी हैं।
मुफ्फसिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अंचलाधिकारी की सूचना पर युवक को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।


