लखीसराय: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीएम) के बैनर तले सोमवार को लखीसराय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में जिला सचिव शंकर राम, पूर्व जिला सचिव मोती शाह, रंजीत कुमार, अजीत, शिवानी सिंह बच्चन, रोशन कुमार, रामपाल मांझी, कपिल पासवान, योगेंद्र यादव, मुन्ना यादव, रामदयाल साहू सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है और विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और कई मेधावी अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
सीपीएम नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सोनम वांगचुक के मुद्दे का भी उठाया जिक्र
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आंदोलन के साथ सख्ती बरती गई और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार का सम्मान नहीं किया गया। साथ ही सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
इस्तीफे की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीपीएम नेताओं ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।





