भागलपुर: कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी एवं युवा राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. नीतेश कुमार यादव ने वर्तमान स्नातक एमएलसी डॉ. एन.के. यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन थिएटर (ओटी) जैसे संवेदनशील स्थान का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग किया गया, जो चिकित्सा प्रोटोकॉल और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
डॉ. नीतेश ने कहा कि ऑपरेशन थिएटर संक्रमण-मुक्त (स्टरल) क्षेत्र होता है, जहां मरीज की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। उन्होंने बताया कि किसी भी सर्जरी से पहले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को निर्धारित संक्रमण-नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना पड़ता है। इसमें एंटीसेप्टिक स्क्रबिंग, स्टरलाइज्ड गाउन, दस्ताने, सर्जिकल मास्क, कैप और विशेष जूतों का उपयोग अनिवार्य होता है।
उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में केवल सर्जरी से जुड़े डॉक्टर, एनेस्थेटिस्ट, नर्स और तकनीकी कर्मचारी ही ऑपरेशन थिएटर में प्रवेश कर सकते हैं। किसी अन्य व्यक्ति के प्रवेश के लिए विशेष अनुमति और सभी सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक होता है।
वायरल तस्वीर को लेकर उठाए सवाल
डॉ. नीतेश ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर में वर्तमान एमएलसी डॉ. एन.के. यादव ऑपरेशन थिएटर में सर्जिकल दस्ताने और उपकरणों के साथ दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके समीप मौजूद एक अन्य व्यक्ति कथित रूप से चुनाव प्रचार से जुड़ी गतिविधि करता नजर आ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ऑपरेशन थिएटर जैसी संवेदनशील जगह पर चुनाव प्रचार किया गया है, तो यह मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा मानकों के साथ गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है। उनके अनुसार ऐसी किसी भी संभावित चूक से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और मरीज का जीवन जोखिम में पड़ सकता है।
संपत्ति और कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
डॉ. नीतेश ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में वर्तमान एमएलसी अपने निर्वाचन क्षेत्र की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने यह भी कहा कि लगभग दो दशक पहले एक छोटे क्लीनिक से चिकित्सा सेवा शुरू करने वाले डॉ. एन.के. यादव की संपत्ति में हुई कथित वृद्धि की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल, इन आरोपों पर एमएलसी डॉ. एन.के. यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि उनकी ओर से कोई बयान जारी किया जाता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





