साहिबगंज। श्रावण मास की प्रथम सोमवारी को लेकर राजमहल प्रखंड के उत्तरवाहिनी गंगा तट स्थित सूर्य देव घाट परिसर रविवार को पूरी तरह आस्था, भक्ति और शिवमय वातावरण में डूबा रहा। शनिवार देर रात से ही श्रद्धालुओं और कांवरियों का आगमन शुरू हो गया था। पश्चिम बंगाल के मालदा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कांवरिया राजमहल पहुंचे।
भगवा वस्त्रों में सजे कांवरियों की लंबी कतार, ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा घाट परिसर गूंज उठा। भक्ति गीतों और शिव भजनों की मधुर धुन पर देर रात तक श्रद्धालु झूमते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पवित्र गंगा स्नान के बाद कांवर यात्रा शुरू
रविवार तड़के श्रद्धालुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान शिव के जलाभिषेक का संकल्प लेकर कांवर में गंगाजल भरा और पैदल यात्रा पर निकल पड़े।
हजारों कांवरिया राजमहल से गंगाजल लेकर बरहेट के पहाड़ों की तलहटी में स्थित प्रसिद्ध शिवगादी धाम (शिवगढ़ी) की ओर रवाना हुए। झारखंड का ‘मिनी बाबाधाम’ कहलाने वाला यह धाम श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां स्थित पीताम्बरी शिवलिंग पर वर्षभर प्राकृतिक रूप से चट्टानों से जल की बूंदें गिरती रहती हैं, जिसे श्रद्धालु दिव्य चमत्कार मानते हैं।
कांवरियों की सेवा में जुटी छठ पूजा समिति
कांवरियों की सेवा के उद्देश्य से सूर्य देव घाट परिसर में छठ पूजा समिति की ओर से खिचड़ी महाभोग का भव्य आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं एवं कांवरियों ने प्रसाद स्वरूप महाभोग ग्रहण किया।
समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पूरे आयोजन के दौरान महाभोग वितरण, पेयजल, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था में लगातार जुटे रहे। सेवा, श्रद्धा और भक्ति के इस संगम ने राजमहल में श्रावणी उत्सव की भव्यता को और भी यादगार बना दिया।





