महेशपुर। महेशपुर प्रखंड के खांपुर पंचायत अंतर्गत राघोपाड़ा-टोला शेरपुर में मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत निर्माणाधीन पुल का काम बुधवार को ग्रामीणों ने रोक दिया। पुल निर्माण के लिए रैयती जमीन अधिग्रहित किए जाने के बावजूद संबंधित रैयतों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार राघोपाड़ा-टोला शेरपुर में पुल का निर्माण पिछले करीब आठ माह से चल रहा है, लेकिन जमीन के मुआवजे को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। बुधवार को नाराज ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंचे और पुल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
टोला शेरपुर के ग्राम प्रधान मंगल मुर्मू, सुशील मुर्मू और पलटन मुर्मू ने बताया कि पुल निर्माण के लिए तीनों की कुल 15 कट्ठा रैयती जमीन अधिग्रहित की गई है। जमीन लिए जाने के बाद से ही मुआवजा राशि देने को लेकर लगातार आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
रैयतों ने बताया कि उन्हें आवश्यक कागजात तैयार करने के लिए कहा जा रहा है और कागजात उपलब्ध कराने के बाद मुआवजा देने की बात कही गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इसी वजह से उन्हें निर्माण कार्य रोकने का निर्णय लेना पड़ा।
ग्रामीणों के मुताबिक मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत बनने वाले इस पुल के निर्माण पर 324.570 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पुल निर्माण का शिलान्यास 16 मार्च 2025 को स्थानीय विधायक और सांसद ने किया था। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ और पिछले करीब आठ माह से पुल का निर्माण जारी है।
ग्राम प्रधान मंगल मुर्मू, सुशील मुर्मू और पलटन मुर्मू ने कहा कि उनकी जमीन पुल निर्माण के लिए लिए जाने के बावजूद मुआवजा नहीं मिलना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि जब तक जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक पुल निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
ग्राम प्रधान मंगल मुर्मू ने कहा कि यदि जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया तो मामले को लेकर जिला प्रशासन से लिखित शिकायत की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पहल करते हुए अधिग्रहित रैयती जमीन का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।




