प्राणपुर प्रखंड अंतर्गत उत्तरी लालगंज पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय गहोलिया में छात्र-छात्राएं स्कूल ड्रेस में विद्यालय आते हैं। विद्यालय में सभी छात्र-छात्राएं अनुशासन के साथ पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रधानाध्यापिका नीलम शर्मा लगातार प्रयासरत हैं।
प्रधानाध्यापिका नीलम शर्मा व्यवहार कुशल होने के साथ विद्यालय के प्रति समर्पित शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं। विद्यालय का संचालन बेहतर तरीके से हो और छात्र-छात्राओं का भविष्य बेहतर बने, इसके लिए वह समय-समय पर शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ गोष्ठी का आयोजन करती रहती हैं।
नीलम शर्मा ने प्रधानाध्यापिका के रूप में 21 जुलाई 2025 को विद्यालय में योगदान किया। योगदान के बाद से ही वह विद्यालय को बेहतर बनाने और उपलब्ध संसाधनों को व्यवस्थित करने में जुटी हैं। प्रधानाध्यापिका के अनुसार विद्यालय के नामांकन पंजी में कुल 168 छात्र-छात्राओं के नाम दर्ज हैं। विद्यालय के पास 10 डिसमिल जमीन है, जिस पर छह कमरों का भवन बना हुआ है।
विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए एक शौचालय और पेयजल की व्यवस्था के लिए एक चापाकल लगाया गया है। इसके अलावा मोटर युक्त पानी की टंकी की भी व्यवस्था है। विद्यालय के एक कमरे में बाल पेंटिंग की गई है, ताकि बच्चे खेल-खेल में आसानी से पठन-पाठन कर सकें।
विद्यालय एवं कार्यालय संचालन के लिए फर्नीचर, टेबल, कुर्सी, बेंच-डेस्क, बुक सेफ, अलमारी, स्पीकर सेट, खेल सामग्री और टीएलएम की व्यवस्था की गई है। विद्यालय में बिजली कनेक्शन के साथ सभी कमरों में पंखे और लाइट भी लगाए गए हैं।
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को एफएलएन किट, पाठ्य पुस्तक और कार्य पुस्तिका का वितरण किया गया है। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों को मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
प्रधानाध्यापिका नीलम शर्मा ने बताया कि शिक्षक शशि कुमार सुमन, पंकज कुमार, सुमन कुमार तथा शिक्षिकाएं नेहा शर्मा और अंजली मल्लिक समय पर विद्यालय पहुंचते हैं। शिक्षक-शिक्षिकाएं विद्यालय की समय-सारणी के अनुसार कक्षा वार पठन-पाठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विद्यालय के विकास कार्यों में प्रधानाध्यापिका को सहयोग करते हैं।
प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय की कुछ आवश्यकताओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुपात में विद्यालय में शौचालय की कमी है। यदि दो-तीन अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण हो जाए तो बच्चों को काफी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने विद्यालय में चारदीवारी निर्माण की आवश्यकता भी बताई। चारदीवारी बनने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा बेहतर होगी और विद्यालय परिसर अधिक सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा विद्यालय में रसोईघर के निर्माण की भी जरूरत बताई गई है, जिससे बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में सुविधा होगी।
प्रधानाध्यापिका ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। यदि विभाग की ओर से विद्यालय में गैस कनेक्शन की व्यवस्था हो जाए तो भोजन पकाने में काफी सुविधा होगी।





