भागलपुर। विक्रमशिला गंगा बेली पूल को आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ महापर्व तक आम लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए चालू रखने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में पूर्व विधायक प्रत्याशी शैलेश कुमार, राजद नेता गौतम कुमार प्रीतम, राजद जिला अध्यक्ष अलख निरंजन पासवान और जिला महासचिव संजय मंडल ने नवगछिया SDM को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन से आवश्यक पहल करने की मांग की।
पूर्व विधायक प्रत्याशी शैलेश कुमार ने कहा कि विक्रमशिला गंगा बेली पूल गंगा के उत्तर और दक्षिण क्षेत्र को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सेतु है। यह लाखों लोगों के दैनिक आवागमन और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी, इसलिए जनहित में छठ महापर्व तक पुल को चालू रखना जरूरी है। उन्होंने सितंबर और अक्टूबर में गंगा का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की स्थिति की संभावना को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों पर निर्भरता को आम लोगों के लिए परेशानी भरा बताया।
राजद नेता गौतम कुमार प्रीतम ने कहा कि यह पुल भागलपुर, नवगछिया और आसपास के करीब दस जिलों के लाखों लोगों के दैनिक आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी है। नवगछिया क्षेत्र के किसान प्रतिदिन दूध, हरी सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद भागलपुर समेत आसपास के बाजारों तक पहुंचाते हैं। पुल बंद होने से किसानों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि पुल की सुरक्षा से समझौता किए बिना तकनीकी जांच, भार सीमा, गति सीमा और यातायात नियंत्रण के साथ कम-से-कम 16 नवंबर, छठ महापर्व तक इसका परिचालन जारी रखा जाए।
राजद जिला अध्यक्ष अलख निरंजन पासवान ने कहा कि पुल बंद होने से मरीजों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने के साथ जाम और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। वहीं, राजद जिला महासचिव संजय मंडल ने कहा कि छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों की ओर जाते हैं, ऐसे में पुल का चालू रहना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पुल की सुरक्षा को देखते हुए जरूरत पड़ने पर भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन आम जनता के लिए सुरक्षित और नियंत्रित आवागमन की व्यवस्था 16 नवंबर तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। सभी नेताओं ने एक स्वर में राज्यपाल, बिहार सरकार और संबंधित जिला प्रशासन से जनहित में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर विक्रमशिला गंगा बेली पूल को छठ महापर्व तक चालू रखने की मांग की।



