कटिहार। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान के तहत एनएफ रेलवे ने अपने नेटवर्क पर चलने वाली सभी लंबी दूरी की पारंपरिक ICF कोच वाली ट्रेनों को आधुनिक LHB कोच में पूरी तरह बदल दिया है।
इस बदलाव के बाद अब पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे क्षेत्र में कुल 103 लंबी दूरी की ट्रेनें आधुनिक LHB रेक के साथ संचालित हो रही हैं। इनमें एनएफ रेलवे की 55 ट्रेनें और अन्य रेलवे जोन की 48 ट्रेनें शामिल हैं। LHB कोच को यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर यात्रा सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है।
अग्नि सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक
रेल यात्रियों को आग की घटनाओं से सुरक्षित रखने के लिए ट्रेनों में बड़े स्तर पर आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं। रेलवे के अनुसार 1,226 एसी कोच में फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम यानी FSDS लगाया गया है। इसके अलावा 155 पावर कार और 79 पैंट्री कार में फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम यानी FDSS की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं 3,436 नॉन-एसी कोच में एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है।
ये आधुनिक सिस्टम कोच के महत्वपूर्ण हिस्सों पर लगातार निगरानी रखते हैं। धुआं या आग का संकेत मिलते ही सिस्टम तत्काल अलार्म जारी करता है, जिससे समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी, चोट और जान-माल के नुकसान की आशंका को कम किया जा सकता है।
सुरक्षा ऑडिट और निगरानी पर जोर
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा के अनुसार, रेलवे नेटवर्क पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए नियमित सुरक्षा अभियान चलाने के साथ ट्रैक और रेलवे के बुनियादी ढांचे का समय-समय पर सेफ्टी ऑडिट और गहन निरीक्षण किया जा रहा है।
रेलवे का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर करने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक रेल यात्रा उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।



