प्रवीण कुमार, कदवा (कटिहार): कदवा प्रखंड अंतर्गत बेनीजलालपुर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय सनकतरा में छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्कूल ड्रेस में विद्यालय पहुंचते हैं और अनुशासित माहौल में पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में योग्य शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने से बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ रही है। प्रधानाध्यापक मो. तनवीर आलम विद्यालय के गुणात्मक विकास के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय सनकतरा में वर्ग एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। वर्तमान में विद्यालय में 125 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। प्रधानाध्यापक मो. तनवीर आलम शिक्षकों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विद्यालय की विधि-व्यवस्था को सुचारू रखने में सहयोग लेते हैं। विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक-शिक्षिकाएं बीबी नुसरत परवीन, बंदना कुमारी, प्रमोद कुमार राय और शिक्षा सेवक मो. जुबैर आलम विद्यालय के शैक्षणिक एवं विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
प्रधानाध्यापक मो. तनवीर आलम ने बताया कि विद्यालय में शैक्षणिक कार्य पूरी निष्ठा के साथ किया जाता है। शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचकर नए छात्र-छात्राओं के नामांकन के साथ नियमित रूप से पठन-पाठन कराते हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ सरकारी नियमों का पालन करना जरूरी है। शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने और सभी वर्गों में नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उनका कहना है कि शिक्षकों का पहला कर्तव्य है कि बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए खेल-खेल में अनुशासन के साथ पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित की जाए।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अनुसार, विद्यालय के पास करीब 10 डिसमल जमीन है और वर्तमान में चार कमरों में कक्षा एक से पांच तक का संचालन किया जा रहा है। सभी छात्र-छात्राओं के बीच पाठ्य पुस्तकें वितरित की गई हैं। इसके अलावा बच्चों को बैग, पीने के पानी की बोतल और टीएलएम किट भी उपलब्ध कराया गया है। विद्यालय में टेबल-कुर्सी की व्यवस्था की गई है और सभी कक्षाओं के ब्लैक बोर्ड का कालीकरण कराया गया है। विद्यालय परिसर और शौचालय की नियमित साफ-सफाई भी कराई जाती है।
विद्यालय में कार्यालय संचालन के लिए फर्नीचर, अलमारी, कुर्सी, टेबल, बेंच-डेस्क, दरी, स्पीकर सेट और बक्से की व्यवस्था की गई है। रसोईघर में बर्तन सेट उपलब्ध हैं और बच्चों को टीएलएम किट के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। छात्र-छात्राओं को निर्धारित मीनू के अनुसार नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन भी दिया जाता है। प्रत्येक शनिवार को शिक्षकों और अभिभावकों के साथ वर्गवार बैठक आयोजित की जाती है। प्रधानाध्यापक के अनुसार, इसके कारण विद्यालय में करीब 80 प्रतिशत छात्र-छात्राएं नियमित रूप से पठन-पाठन के लिए पहुंचते हैं।
प्रधानाध्यापक मो. तनवीर आलम ने शिक्षकों की गोष्ठी आयोजित कर विद्यालय के शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा भी की। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने शिक्षकों से सरकारी नियमों का पालन करते हुए समय पर विद्यालय पहुंचने और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पठन-पाठन कराने की अपील की। विद्यालय के सर्वांगीण विकास में शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग की भी उन्होंने सराहना की।
हालांकि विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कुछ समस्याएं भी हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि मात्र चार कमरों में वर्ग एक से पांच तक की कक्षाएं संचालित करने में काफी कठिनाई होती है। उन्होंने विद्यालय में चार अतिरिक्त कमरों के निर्माण की आवश्यकता बताई। साथ ही पुराने दो कमरों के संपूर्ण जीर्णोद्धार, विद्यालय परिसर में चारदीवारी निर्माण, समरसेबल पंप की व्यवस्था और रसोईघर की मरम्मती की मांग की। उनका कहना है कि इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में और अधिक सुविधा मिलेगी।




