कटिहार जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में धीमी बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने का दावा किया गया है। गंगा और कोसी नदी के जलस्तर, जलजमाव, तटबंधों, सड़कों और आवागमन की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जिला पदाधिकारी कटिहार आशुतोष द्विवेदी के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कुर्सेला प्रखंड अंतर्गत जरलाही पंचायत के गुमटी टोला और 12 नंबर स्पर का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पदाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता आपदा, अनुमंडल पदाधिकारी कटिहार सदर सहित प्रखंड और अंचल स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और आसपास के जल प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए अंचल अधिकारी को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया। साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति में आपदा विभाग के मानक संचालन प्रक्रिया के तहत सभी जरूरी कदम उठाने और तैयारियां तत्काल पूरी करने को कहा गया।
जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि गंगा और कोसी नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। जल प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार त्वरित सुरक्षात्मक और राहत कार्य चलाए जाएंगे। क्षतिग्रस्त सड़कों और संपर्क मार्गों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं प्रभावित इलाकों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेडिकल टीम और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह देने पर भी जोर दिया गया है।
आवागमन की सुविधा को देखते हुए जरूरत वाले क्षेत्रों में नावों का परिचालन भी कराया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।
आमजनों से प्रशासन की अपील
भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से जलजमाव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी में अनावश्यक रूप से प्रवेश नहीं करने को कहा गया है। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। आमजनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।





