महेशपुर: प्रखंड के डाकबंगला परिसर में शुक्रवार को पेसा नियमावली 2025 को लेकर प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष जितेंद्र मुर्मू ने की। बैठक में प्रखंड क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के साथ पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधि गुड़ेत, प्रमाणिक, जोगमांझी, नाइकी एवं कूड़ाम नायकी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों की भूमिका को मजबूत करने और ग्राम स्तर पर पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामवासियों के जाति प्रमाण पत्र, निवासी प्रमाण पत्र और पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जारी करने के दौरान कोरम अथवा सत्यापन की प्रक्रिया में ग्राम प्रधान की अनुशंसा अनिवार्य रूप से ली जाए।
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में ग्राम प्रधान की अनुशंसा शामिल होने से ग्राम स्तर पर वास्तविक जानकारी और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की भूमिका सुनिश्चित हो सकेगी। इससे स्थानीय स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।
बैठक के दौरान अंचलाधिकारी के दिशा-निर्देश के अनुसार झारखंड सरकार की पेसा नियमावली 2025 के तहत ग्राम सभा द्वारा चयनित सहायक सचिव के चयन की प्रक्रिया के बारे में भी ग्राम प्रधानों को जानकारी दी गई। इसके अलावा ग्राम का बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया और उससे जुड़े आवश्यक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे पेसा नियमावली के प्रावधानों की जानकारी ग्राम स्तर तक पहुंचाएं और ग्राम सभा की भूमिका को मजबूत करते हुए विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य रूप से बबलू मरांडी, स्टेफन हेंब्रम, किस्टो मुर्मू, सुभाष किस्कू, रमेश टुडू, कमलाकांत मुर्मू, जूनास मरांडी, बिबथाना मुर्मू, अनीता मरांडी, महारानी हेंब्रम, तुलसी हांसदा, सावत्री मरांडी, लिलवंती मुर्मू, बेसनार हेंब्रम सहित दर्जनों ग्राम प्रधान और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में पेसा नियमावली के प्रावधानों को ग्राम स्तर तक प्रभावी तरीके से लागू करने और ग्राम सभा की भूमिका को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।





