बसंतराय: प्रखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सांचपुर सांखी में पिछले पांच-छह वर्षों से विवादित प्रधानी जमीन पर चले आ रहे कब्जे के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी श्रीमान मरांडी के आदेश पर गुरुवार को राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गांव पहुंची। जमीन की मापी और जांच के बाद प्रशासन ने प्रधान रिजवान आलम को संबंधित जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद के समाधान की उम्मीद जगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांचपुर सांखी पंचायत में प्रधानी जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा पिछले करीब पांच-छह वर्षों से कथित रूप से कब्जा किए जाने की शिकायत सामने आई थी। जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
मामले की शिकायत और जानकारी अंचल प्रशासन तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। प्रशासन की ओर से राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
अंचल अधिकारी श्रीमान मरांडी के निर्देश पर गुरुवार को प्रशासनिक टीम निर्धारित स्थल पर पहुंची। टीम में सर्किल अधिकारी उदय तिवारी, हल्का कर्मचारी शिव शंकर ठाकुर और अंचल अमीन कुंदन यादव शामिल थे। राजस्व कर्मियों ने मौके पर जमीन की मापी, स्थिति और सीमांकन की जांच की।
जांच और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन की मौजूदगी में प्रधान रिजवान आलम को संबंधित प्रधानी जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने की कार्रवाई पूरी की गई। प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया राजस्व अभिलेखों और निर्धारित कार्रवाई के तहत किए जाने की बात कही गई।
जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए बसंतराय थाना की ओर से पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सब इंस्पेक्टर विजय शर्मा के नेतृत्व में सशस्त्र पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासन ने पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई।
कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जुटी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रधानी जमीन पर कथित कब्जे को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद बना हुआ था। जमीन पर कब्जे के कारण यह मामला पंचायत स्तर पर भी चर्चा में रहा था।
अब अंचल प्रशासन की ओर से जमीन की जांच और सीमांकन के बाद प्रधान को दखल-कब्जा दिलाए जाने को मामले के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद वर्षों से चले आ रहे विवाद पर विराम लगने की उम्मीद है।




