पाकुड़िया। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में 19 सितंबर को प्रस्तावित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए झामुमो ने तैयारी तेज कर दी है। इसी को लेकर मंगलवार को पाकुड़िया प्रखंड कार्यालय में झामुमो प्रखंड समिति की आपात बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा ने की। इसमें पंचायत और गांव स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, जिला उपाध्यक्ष सह पर्यवेक्षक हरिवंश चौबे और बुद्धिजीवी मोर्चा के जिला अध्यक्ष देबीलाल हंसदाक प्रमुख रूप से मौजूद रहे। विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि झामुमो इस विधेयक के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पंचायत स्तर पर बैठक करने, हाट-बाजारों में प्रचार-प्रसार करने और लोगों को विधेयक के संभावित प्रभावों की जानकारी देने की अपील की।
विधायक ने कहा कि झारखंड खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और खनन से मिलने वाला राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड के कुल गैर-कर राजस्व का बड़ा हिस्सा खनन से आता है और विधेयक के लागू होने से राज्य के राजस्व तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विधेयक को वापस लेने की मांग को लेकर पार्टी लंबी लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगी और 19 सितंबर के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता अभी से जुट जाएं।
जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े मुद्दों पर राज्य की जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वहीं प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया। बुद्धिजीवी मोर्चा के जिला अध्यक्ष देबीलाल हंसदाक ने कहा कि 19 सितंबर का धरना शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। बैठक में झामुमो के पंचायत पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।




