गत वर्ष भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में तीनों शीर्ष स्थानों पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के प्रतिभागी काबिज।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा गत वर्ष 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक आयोजित राष्ट्रव्यापी अभियान “सेवा पर्व 2025 – भारत के रंग, कला के संग” के तहत, प्रदर्शन कला विभाग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA), रांची के संयुक्त तत्वावधान में गत वर्ष 23 सितंबर 2025 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में एक चित्रकला कार्यशाला और प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
“विकसित भारत @2047” विषय पर आधारित इस प्रतियोगिता में 13 स्कूलों और 5 कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राष्ट्रीय स्तर की
इस प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आज दिनांक 17 सितंबर 2026 को विवेकानंद विद्यामंदिर स्कूल, रांची में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ एवं पद्मश्री अशोक भगत की उपस्थिति में सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इस पूरी प्रतियोगिता की एक उल्लेखनीय बात यह रही कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता के तीनों शीर्ष स्थानों को प्राप्त किया। यह तीनों विद्यार्थी विश्वविद्यालय के कला विभाग में अध्ययनरत हैं।
* प्रथम पुरस्कार (₹25,000): सुश्री शैलजा केडिया, कला विभाग।
* द्वितीय पुरस्कार (₹15,000): सुश्री शंकी कुमारी।
* तृतीय पुरस्कार (₹10,000): श्री आयुष चौधरी।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने कहा कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कलात्मक उत्कृष्टता, समर्पण और प्रतिभा के साथ-साथ प्रदर्शन कला विभाग के संकाय सदस्यों (शिक्षकों) के निरंतर प्रोत्साहन और मार्गदर्शन को दर्शाती है। साथ ही कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने आगे कहा कि
यह उपलब्धि डीएसपीएमयू और पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए एक गर्व का क्षण है, जो कलात्मक प्रतिभा को निखारने और विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है और यह आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि विश्वविद्यालय सांस्कृतिक मंच पर भी निरंतर अपनी प्रतिभा को प्रमाणित कर रहा है जो विश्वविद्यालय की उत्तरोत्तर प्रगति का सूचक है।




