पाकुड़। झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सिंह यादव के निर्देशानुसार शनिवार को पाकुड़ जिला राजद की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। गोकुलपुर पेट्रोल पंप के पास आयोजित कार्यक्रम में राजद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया और उनके इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान राजद नेताओं ने बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया और इससे एनडीए को चुनावी लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
राजद नेताओं ने दावा किया कि बिहार में SIR के दौरान करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 24 जून 2025 को 7.89 करोड़ मतदाता थे और ड्राफ्ट सूची से 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। अंतिम सूची में करीब 7.42 करोड़ मतदाता शामिल रहे।
राजद नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का भी मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। नेताओं ने मतदान प्रतिशत में कथित बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए।
राजद कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता, निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। इन्हीं मुद्दों को लेकर जिला राजद की ओर से प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। हाल में राजद ने बिहार के विभिन्न जिलों में इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया है।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष महावीर मड़ैया, किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष लाल मरांडी, लिट्टीपाड़ा प्रखंड अध्यक्ष मनोज मड़ैया, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अमन सिंह, उपाध्यक्ष अजीत सिंह, रमेश सिंह, वरिष्ठ नेता सह जिला सचिव रणजीत कुमार सिंह, रोहन कुमार सिंह, जिला सचिव हजरत शेख सहित दर्जनों राजद कार्यकर्ता मौजूद रहे।




