पाकुड़: झारखंड प्रदेश कांग्रेस महासचिव डॉ. तनवीर आलम ने शनिवार को पाकुड़ जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में नाम जोड़ने-विलोपन और संशोधन, निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी प्रणाली और डेटा प्रबंधन से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ. तनवीर आलम ने कहा कि SIR के दौरान मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में संशोधन से जुड़े मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया, आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा और समयबद्ध सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने SIR के तहत मतदाता सूची में हुए जोड़-विलोपन और संशोधनों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की। उनका कहना था कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं या जिनके विवरण में बदलाव हुआ है, उन्हें इसकी प्रक्रिया और आधार की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। साथ ही प्रभावित नागरिकों को अपनी आपत्ति रखने और उसके निराकरण का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
झारखंड में वर्ष 2026 के SIR से जुड़ी प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची और उससे संबंधित सेवाएं निर्वाचन आयोग के स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर SIR-2026 से जुड़ी जानकारी और मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा भी उपलब्ध है।
निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली के स्वतंत्र ऑडिट की मांग
डॉ. तनवीर आलम ने निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी प्रणाली और डेटा प्रबंधन व्यवस्था के स्वतंत्र ऑडिट की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए होना चाहिए।
उन्होंने डेटा की सुरक्षा, रिकॉर्ड की शुद्धता, बदलावों की निगरानी और सिस्टम में किए गए संशोधनों का ऑडिट योग्य रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार डिजिटल डेटा और तकनीकी प्रणालियों की विश्वसनीयता को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह नहीं रहना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कामकाज पर भी सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. तनवीर आलम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब सार्वजनिक रूप से दिया जाना चाहिए।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संबंधित लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की। उनका कहना था कि स्वतंत्र जांच के जरिए संदेह की स्थिति को दूर किया जाना चाहिए और निर्वाचन संस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।
मतदाता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
डॉ. तनवीर आलम ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार महत्वपूर्ण है। इसलिए मतदाता सूची से जुड़े प्रत्येक निर्णय में पारदर्शिता, जवाबदेही, उचित प्रक्रिया और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने राजनीतिक दलों और आम नागरिकों को मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखती रहेगी। उन्होंने निर्वाचन आयोग से SIR और मतदाता सूची में हुए बदलावों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं और आंकड़ों में आवश्यक पारदर्शिता बरतने तथा उठाए जा रहे सवालों का समाधान करने की मांग की।
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष मानसारुल हक, विधायक प्रतिनिधि गोलम अहमद, जिला प्रवक्ता मुख्तार हुसैन, पूर्व कोषाध्यक्ष असद हुसैन, युवा जिला अध्यक्ष बिलाल शेख, सोशल मीडिया चेयरमैन पियारूल इस्लाम सहित प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




